Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा सीडीपीओ (CDPO) नियुक्ति मुख्य परीक्षा के परिणाम का इंतजार 10 माह बाद भी खत्म नहीं हुआ है। 64 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जून 2023 से शुरू हुई थी, लेकिन अब तक परिणाम जारी नहीं होने से अभ्यर्थी नाराज हैं।
सीडीपीओ नियुक्ति प्रक्रिया और परिणाम में देरी
जेपीएससी ने राज्य में 64 पदों पर सीडीपीओ नियुक्ति परीक्षा आयोजित की।
- 10 जून 2024 को प्रारंभिक परीक्षा ली गई।
- 27 जून 2024 को मॉडल आंसर की जारी हुई।
- 15 जुलाई 2024 को प्रीलिम्स रिजल्ट घोषित हुआ।
- 2 से 4 अगस्त 2024 को मुख्य परीक्षा हुई।
मुख्य परीक्षा में 1511 उम्मीदवार शामिल हुए। इसमें 32 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। लेकिन परीक्षा के 10 महीने बीत जाने के बाद भी रिजल्ट जारी नहीं किया गया है।
J-TET 2016 के बाद से लंबित, अभ्यर्थियों में मायूसी
झारखंड में शिक्षक पात्रता परीक्षा (J-TET) 2016 के बाद से आयोजित नहीं हुई है।
- 2013 में पहली बार परीक्षा आयोजित हुई थी, जिसमें 68 हजार अभ्यर्थी सफल हुए थे।
- 2016 में दूसरी बार परीक्षा हुई और 53 हजार अभ्यर्थी पास हुए।
इसके बाद से परीक्षा न होने के कारण हजारों प्रशिक्षित अभ्यर्थी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।
JET 2024 अधिसूचना में विवाद
जेपीएससी ने झारखंड पात्रता परीक्षा (JET 2024) की अधिसूचना जारी की है। लेकिन इसमें कई विषयों को शामिल नहीं किया गया है, जैसे—
- बायोटेक्नोलॉजी
- माइक्रोबायोलॉजी
- बायोकेमिस्ट्री
- माइक्रोलॉजी
- फाइन आर्ट्स
- फिजिकल एजुकेशन
- एमबीए (एग्रीबिजनेस)
शिक्षाविदों और अभ्यर्थियों ने सरकार से इन विषयों को अधिसूचना में शामिल करने की मांग की है।
कोर्ट की फटकार के बाद ही करती है कार्रवाई?
विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार बिना कोर्ट की फटकार के कोई भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं करती।
जेपीएससी, जेएसएससी, J-TET, सहायक आचार्य, नगर निकाय चुनाव, नियोजन व अनुबंध कर्मियों का नियमितीकरण—हर मामले में कोर्ट की फटकार के बाद ही कार्रवाई हुई है।
आउटसोर्सिंग प्रथा खत्म करने की मांग
आजसू पार्टी ने कहा कि सरकार को आउटसोर्सिंग प्रथा बंद कर सीधी नियुक्ति करनी चाहिए।
- निजी कंपनियाँ कर्मियों का शोषण करती हैं।
- समान कार्य के लिए समान वेतन नहीं मिलता।
- आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं होता।
साथ ही, विस्थापित क्षेत्रों में स्थापित कंपनियों को विस्थापितों को नौकरी देनी चाहिए।
UPSC की तर्ज पर “प्रतिभा सेतु” पोर्टल की मांग
आजसू ने सुझाव दिया है कि सरकार को UPSC Talent Pool (प्रतिभा सेतु) की तर्ज पर जेपीएससी भी एक पोर्टल बनाए।
- जेपीएससी 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2023 में 864 उम्मीदवारों ने इंटरव्यू दिया था, जबकि केवल 342 चयनित हुए।
- 522 मेघावी छात्र अंतिम सूची से बाहर रह गए।
आजसू का कहना है कि ऐसे प्रतिभाशाली छात्रों की उपयोगिता राज्य के विकास में होनी चाहिए। सरकार उन्हें पोर्टल के जरिए विभिन्न संस्थानों और योजनाओं से जोड़े, ताकि वे झारखंड के संसाधन और मानव पूंजी को मजबूत कर सकें।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
Expertise: Journalism • Digital Media • Ground Reporting • Content & Social Media • Video Production • News Analysis








