कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने भाजपा को ‘सिंदूर का सौदागर’ करार देते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बार-बार यह दावा किया कि उन्होंने युद्ध रुकवाया, लेकिन इस बीच भारत को व्यापार बंद करने की धमकी दी. पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप रहे और इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
इसके साथ ही पवन खेड़ा ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से राहुल गांधी के सवाल दोहराए. उन्होंने कहा, “विदेश मंत्री ने यह स्वीकार किया कि एयर स्ट्राइक से पहले पाकिस्तान को जानकारी दी गई थी. अब सरकार को यह बताना चाहिए कि इसके कारण हमारे कितने विमान गंवाए गए. यह कोई गलती नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध था. देश को सच्चाई जानने का हक है.”
वहीं, विदेश मंत्रालय ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि विदेश मंत्री ने यह कहा था कि ऑपरेशन के शुरुआत में पाकिस्तान को चेतावनी दी गई थी, न कि ऑपरेशन से पहले उन्हें पूरी जानकारी दी गई थी. मंत्रालय ने कहा कि तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और उन्होंने इसका विरोध किया.
पवन खेड़ा ने इस दौरान मोरारजी देसाई के प्रधानमंत्री बनने और उनके पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जिया-उल-हक से किए गए कथित फोन कॉल का हवाला दिया. उन्होंने कहा, “मोरारजी देसाई ने जिया-उल-हक को हमारे RAW ऑपरेशन्स की सारी जानकारी दे दी, जिससे हमारे RAW एजेंटों की जानें गईं. यह एक ऐतिहासिक ग़लती थी, और ऐसे लोग आज विदेश मंत्री बनकर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं.”
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के खिलाफ भारत के सैनिकों के पराक्रम को अचानक ही डोनाल्ड ट्रम्प के बयान ने सीजफायर की दिशा में मोड़ दिया, जबकि प्रधानमंत्री मोदी चुप रहे. उन्होंने इसे ‘सिंदूर का सौदा’ और ‘देश से गद्दारी’ करार दिया.
राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर 19 मई को ट्वीट कर विदेश मंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था, “विदेश मंत्री की चुप्पी निंदनीय है. वह हमें यह बताएं कि किस अधिकार से उन्होंने पाकिस्तान को जानकारी दी और इसके चलते हम कितने विमान गंवा बैठे?”
इसके अलावा, कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में भी सरकार से सवाल उठाए गए थे, जिसमें 14 मई को ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले के बारे में चर्चा की गई. CWC ने सरकार से यह भी सवाल किया कि पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जवाबी कार्रवाई अचानक क्यों समाप्त हुई और क्यों ट्रम्प के बयान पर चुप्पी साधी गई?












