लखीसराय/मुंगेर: सावन के पवित्र महीने में केंद्रीय मंत्री और जदयू के कद्दावर नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह द्वारा आयोजित मटन पार्टी ने बिहार की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। यह मटन भोज लखीसराय के सूर्यगढ़ में जदयू कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित किया गया था। सूर्यगढ़, ललन सिंह के संसदीय क्षेत्र मुंगेर का हिस्सा है।
हालांकि कार्यक्रम में शाकाहारी भोजन का भी प्रबंध था, लेकिन सावन जैसे पावन महीने में मटन पार्टी के आयोजन को लेकर सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। विपक्ष ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
सावन में मटन पार्टी क्यों बनी चर्चा का विषय?
बुधवार को मुंगेर लोकसभा क्षेत्र के सूर्यगढ़ विधानसभा स्थित एनएच-80 किनारे पेट्रोल पंप के पास जदयू के संवाद कार्यक्रम में मटन भोज का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और बिहार सरकार के वरीय मंत्री अशोक चौधरी भी मौजूद थे।
कार्यक्रम के दौरान मंच से घोषणा की गई कि “मटन और सादा खाना दोनों उपलब्ध हैं, जिसे जो पसंद हो खा सकते हैं।” लेकिन सावन महीने में इस तरह का आयोजन होते ही यह सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन गया।
RJD का हमला: रोहिणी आचार्य ने कही तीखी बातें
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया। पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने फेसबुक पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा:
“भगवान भोलेनाथ के इस पावन मास में भी ललन सिंह मटन पार्टी देने से बाज नहीं आए! दूसरों को हिंदू धर्म के ठेकेदार बनकर नसीहत देने वाले, खुद रीति-रिवाज और परंपरा भूल जाते हैं।”
रोहिणी ने आगे लिखा:
“ढोंग रच कर ढकोसले फैलाने वाले, दूसरों के खान-पान में खोट निकालने वाले, कपटी और धूर्त हैं। कथनी-करनी में फर्क रखने वाले ये लोग असल में दोहरे चरित्र वाले हैं।”
एनडीए सहयोगियों की अनुपस्थिति पर भी उठे सवाल
कार्यक्रम में एनडीए के अन्य सहयोगी दलों के नेताओं की अनुपस्थिति भी चर्चा में रही। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव से पहले भी ललन सिंह ने मुंगेर के कुछ इलाकों में जनता को मटन-भात खिलाया था।
सियासी गलियारे में गर्मी
सावन के महीने में मटन भोज के आयोजन पर जहां विपक्ष इसे आस्था का अपमान बता रहा है, वहीं जदयू समर्थक इसे कार्यकर्ताओं का “मनोरंजन” और “सामाजिक भोज” कहकर बचाव कर रहे हैं।













