सिंदरी: दुर्गा पूजा के दौरान धनबाद के सिंदरी शहर में जलापूर्ति बाधित होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। शुक्रवार से लगातार तीन दिनों तक पानी की आपूर्ति ठप रहने के बाद रविवार को स्थिति सामान्य हुई थी, लेकिन मंगलवार को एक बार फिर शहर के कई इलाकों में जलापूर्ति बाधित हो गई। शुरुआती जांच में डिनोबली स्कूल सिंदरी परिसर में 16 इंच की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है। आरोप है कि पाइपलाइन के ऊपर दो मंजिला भवन बनाए जाने के कारण उस पर दबाव पड़ा, जिससे उसमें दरार आ गई।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने एफसीआई और डिनोबली स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों ने धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
डिनोबली स्कूल परिसर में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त, दो इलाकों की जलापूर्ति प्रभावित
जानकारी के अनुसार, डिनोबली स्कूल सिंदरी परिसर में 16 इंच व्यास वाली मुख्य पाइपलाइन में दरार आने से रोहड़ाबांध और मनोहरटांड़ में जलापूर्ति प्रभावित हुई है। यह पाइपलाइन शहर के महत्वपूर्ण जलापूर्ति नेटवर्क का हिस्सा है और इसके क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद एफसीआई सिंदरी के यूनिट प्रभारी विजय कुमार चौधरी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रबंधन की ओर से मुख्य पाइपलाइन के ऊपर विद्यालय भवन का निर्माण कराया गया है। लगातार बारिश के कारण भवन का एक पिलर पाइपलाइन की ओर धंस गया, जिससे पिलर का दबाव पड़ने के कारण पाइपलाइन फट गई।
पाइपलाइन पर भवन निर्माण को लेकर उठे सवाल
मुख्य पाइपलाइन के ऊपर दो मंजिला भवन बनाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद निर्माण कार्य की निगरानी और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भवन निर्माण के समय एफसीआई प्रबंधन ने इस मामले पर ध्यान दिया होता, तो आज शहरवासियों को जलापूर्ति की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता।
लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि इतनी महत्वपूर्ण जलापूर्ति पाइपलाइन के ऊपर भवन निर्माण की अनुमति कैसे मिली। हालांकि, इस मामले में जिम्मेदारी तय करने और निर्माण से जुड़े तथ्यों की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच जरूरी है।
पाइपलाइन पूरी तरह टूटती तो हो सकता था बड़ा हादसा
स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि यदि दबाव के कारण मुख्य पाइपलाइन पूरी तरह टूट जाती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। स्कूल परिसर में भवन के नीचे पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की घटना ने निर्माण की सुरक्षा और संभावित जोखिमों पर चिंता बढ़ा दी है।
लोगों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन और एफसीआई प्रबंधन की कथित लापरवाही की जांच होनी चाहिए। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जलापूर्ति की मुख्य पाइपलाइनों के आसपास निर्माण कार्यों की भी जांच की जानी चाहिए।
हरकत में आया हर्ल प्रबंधन, मरम्मत का काम शुरू
जलापूर्ति बाधित होने की सूचना मिलने के बाद हर्ल सिंदरी प्रबंधन ने मरम्मत कार्य शुरू कराया। क्षतिग्रस्त पाइपलाइन तक पहुंचने के लिए पेलोडर की मदद से स्कूल भवन और गार्ड रूम की नींव के आसपास खुदाई की गई। इसके बाद पाइपलाइन के दोनों किनारों को साफ करने का काम शुरू किया गया, ताकि मरम्मत की जा सके।
हर्ल के प्रबंधकीय अधिकारियों के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद सुबह नौ बजे से मरम्मत कार्य में टीम जुट गई। हालांकि, पाइपलाइन की मरम्मत पूरी होने और जलापूर्ति सामान्य होने में कितना समय लगेगा, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
वैकल्पिक व्यवस्था से कुछ इलाकों में पानी पहुंचाने की कोशिश
हर्ल प्रबंधन के अधिकारियों ने बताया कि सिंदरी चर्च के पास मुख्य पाइपलाइन वाल्व से जुड़ी हुई है। पिछले करीब दो दशक से इस्तेमाल में नहीं आए इस वाल्व को चालू करने का प्रयास किया जा सकता है। यदि वाल्व सही तरीके से काम करता है, तो रोहड़ाबांध और मनोहरटांड़ की आपूर्ति रोककर शहरपुरा और रांगामाटी में पानी पहुंचाने की संभावना है।
हालांकि, यह वैकल्पिक व्यवस्था वाल्व के सही ढंग से काम करने पर निर्भर करेगी। अधिकारियों के अनुसार, शहर में जलापूर्ति पूरी तरह सामान्य करने के लिए क्षतिग्रस्त मुख्य पाइपलाइन की मरम्मत जरूरी है।
डीसी आदित्य रंजन से कार्रवाई की मांग
दुर्गा पूजा के दौरान बार-बार जलापूर्ति बाधित होने से सिंदरी के लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों ने धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन से मामले की जांच कराने, पाइपलाइन के ऊपर भवन निर्माण से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि सिंदरी की मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन के ऊपर भवन निर्माण कैसे हुआ और समय रहते इसकी जांच क्यों नहीं की गई। फिलहाल, लोगों की नजर हर्ल प्रबंधन की मरम्मत कार्रवाई और जलापूर्ति बहाल होने पर टिकी है।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।









