Ranchi: राजधानी रांची के धुर्वा स्थित सेक्टर-2 के आवासीय परिसर में पेड़ काटे जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि एक व्यक्ति ने परिसर में दो पेड़ कटवा दिए। इसके बाद तीसरे पेड़, पीपल, को काटने की कोशिश की गई तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध के दौरान काला टी-शर्ट पहने एक व्यक्ति, जिसकी पहचान स्थानीय लोगों ने रमन सिंह के रूप में की है, मौके पर मौजूद लोगों से उलझ गया।
रमन सिंह ने खुद को बताया मंत्री का रिश्तेदार
स्थानीय लोगों का दावा है कि रमन सिंह खुद को झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का रिश्तेदार बता रहा था। आरोप है कि पेड़ काटने से रोकने पर उसने आसपास मौजूद लोगों को देख लेने की धमकी भी दी।
बताया जा रहा है कि पेड़ काटने के लिए एक मजदूर मशीन से कटाई कर रहा था। इसी दौरान रमन सिंह ने मजदूर के हाथ से मशीन ले ली और खुद पेड़ काटने लगा। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद मौके पर कुछ देर तक नोकझोंक की स्थिति बनी रही।
घटनाक्रम का वीडियो भी आया सामने
इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में स्थानीय लोग पेड़ काटे जाने का विरोध करते हुए दिखाई और सुनाई दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मोहल्लेवासियों की आस्था से जुड़ा हुआ है पीपल पेड़
क्वार्टर नंबर B-920, सेक्टर-2, धुर्वा, रांची में रहने वाले अनिल सिंह द्वारा क्वार्टर के सामने स्थित करीब 70 वर्ष पुराने पीपल के पेड़ को कटवाए जाने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पेड़ वर्षों से मोहल्लेवासियों की आस्था से जुड़ा हुआ है और पर्यावरण एवं स्वच्छ हवा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
आरोप है कि मोहल्ले के लोगों द्वारा पेड़ काटने से मना करने के बावजूद संबंधित व्यक्ति कथित तौर पर धमकी देता है और खुद को स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का रिश्तेदार (साला) बताकर दबाव बनाने का प्रयास करता है।
इस मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार परिषद, झारखंड के प्रदेश उपाध्यक्ष विकाश पाण्डेय ने भी आपत्ति जताई है। उन्होंने मामले में संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण की जांच कराने और पेड़ों की कटाई के संबंध में अनुमति की जांच करने की मांग की है। साथ ही, स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए धमकी और दबाव के आरोपों पर भी कार्रवाई की मांग की गई है।
HEC की जमीन पर पेड़ काटने की अनुमति किसने दी?
इन सबके बीच बड़ा सवाल यह है कि HEC की जमीन पर मौजूद दो पेड़ों को किसकी अनुमति से काटा गया? क्या संबंधित व्यक्ति के पास HEC प्रबंधन की लिखित अनुमति थी? अगर अनुमति नहीं थी तो HEC प्रबंधन इस मामले में क्या कार्रवाई करेगा? वहीं, तीसरे पेड़ को काटने की कोशिश में पेड़ को हुए नुकसान पर प्रबंधन क्या कदम उठाता है, यह भी देखने वाली बात होगी।

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