Ranchi: Jharkhand सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उन बच्चों के इलाज की दिशा में बड़ी पहल की है, जो जन्मजात हृदय रोग और दिल में छेद की समस्या से जूझ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की पहल पर सोमवार को 20 बच्चों को निःशुल्क हृदय ऑपरेशन और इलाज के लिए कोच्चि स्थित अमृता अस्पताल रवाना किया गया।
सरकार के अनुसार बच्चों के इलाज, ऑपरेशन, जांच, दवा, अस्पताल में रहने-खाने और यात्रा समेत आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था निःशुल्क की जाएगी। बच्चों और उनके अभिभावकों को रांची से कोच्चि ले जाने और इलाज के बाद वापस लाने की व्यवस्था भी की गई है।
आर्थिक तंगी के कारण नहीं हो पा रहा था इलाज
कई बच्चों के परिजनों ने बताया कि हृदय ऑपरेशन पर करीब 4 से 5 लाख रुपये तक का खर्च आता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इतनी बड़ी राशि जुटाना संभव नहीं था। सरकार की पहल से अब इन परिवारों को अपने बच्चों के इलाज की उम्मीद मिली है।
बच्चों को रवाना करते समय कई अभिभावक भावुक नजर आए। परिजनों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और झारखंड सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि आर्थिक मजबूरी के कारण वे अपने बच्चों का इलाज नहीं करा पा रहे थे, लेकिन सरकारी सहायता से बच्चों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है।
करीब 100 बच्चों के इलाज का लक्ष्य
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बताया कि कोच्चि के अमृता अस्पताल के साथ स्वास्थ्य विभाग का सहयोग स्थापित किया गया है। इसके तहत करीब 100 बच्चों को इलाज के लिए भेजने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 20 बच्चों को सोमवार को कोच्चि रवाना किया गया।
मंत्री ने कहा कि विभाग का उद्देश्य है कि आर्थिक अभाव के कारण Jharkhand का कोई भी गरीब बच्चा गंभीर बीमारी के इलाज से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों के इलाज और ऑपरेशन के लिए सरकार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएगी।
पहले भी 75 बच्चों का कराया गया मुफ्त ऑपरेशन
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इससे पहले भी विभागीय प्रयासों से 75 बच्चों का सफलतापूर्वक निःशुल्क हृदय ऑपरेशन कराया जा चुका है। अब 20 और बच्चों को उपचार के लिए कोच्चि भेजा गया है।
मंत्री ने राज्य के मंत्री, सांसद, विधायक, जिला परिषद सदस्य, मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधियों से अपील की कि उनके क्षेत्र में यदि कोई ऐसा बच्चा है जिसके दिल में जन्मजात छेद है और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसका इलाज नहीं हो पा रहा है, तो उसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग तक पहुंचाई जाए।
बच्चों को मिलेंगी ये सुविधाएं
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पात्र बच्चों को इलाज के दौरान कई सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी—
- हृदय की जांच और आवश्यक परीक्षण
- हृदय ऑपरेशन की सुविधा
- जरूरी दवाएं
- अस्पताल में रहने और भोजन की व्यवस्था
- बच्चों और अभिभावकों की यात्रा सुविधा
- कोच्चि आने-जाने की व्यवस्था
- ऑपरेशन के बाद फॉलो-अप
- घर वापसी तक स्वास्थ्य विभाग की निगरानी
यह पूरी प्रक्रिया आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) की टीम के सहयोग से संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य बच्चों की पहचान से लेकर जांच, उपचार, ऑपरेशन और घर वापसी तक उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित करना है।
रेलवे ने भी की पहल की सराहना
बच्चों को रांची रेलवे स्टेशन से कोच्चि रवाना करने के दौरान रेलवे विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। रेलवे कर्मियों ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना की और बच्चों की यात्रा को सुगम बनाने में आवश्यक सहयोग दिया।
इस अवसर पर एमडी, एनएचएम श्री शशि प्रकाश झा समेत स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बच्चों को उपहार देकर उन्हें कोच्चि के लिए रवाना किया।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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