रांची: झारखंड प्रदेश Congress कमेटी ने सोमवार को कांग्रेस भवन, रांची में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) की प्रक्रिया को लेकर कई अहम मुद्दे उठाए। इस दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के झारखंड प्रभारी के. राजू और कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने संयुक्त रूप से पत्रकारों को संबोधित किया।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि झारखंड विधानसभा के विधायकों ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) को ज्ञापन सौंपकर गणना प्रपत्र (Enumeration Forms-EFs) जमा करने की अंतिम तिथि में कम से कम 15 दिनों का विस्तार करने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के मतदाता सूची से बाहर होने की आशंका है।
कांग्रेस ने गिनाईं समय बढ़ाने की प्रमुख वजहें
Congress के अनुसार राज्यभर से मिले फीडबैक में कई गंभीर समस्याएं सामने आई हैं, जिनके कारण मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य प्रभावित हो रहा है।
- राज्य के करीब 64 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 1.13 करोड़ गणना प्रपत्र अब तक डिजिटाइज नहीं हो सके हैं।
- रांची, धनबाद और झरिया जैसे शहरी क्षेत्रों में डिजिटलीकरण की गति काफी धीमी बताई गई है।
- लगभग 41 लाख मतदाता अभी भी अनमैप्ड श्रेणी में हैं, जिनमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत अथवा डुप्लीकेट श्रेणी के मतदाता शामिल हैं।
- लगातार हो रही मानसूनी बारिश, जलभराव और दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों के कारण घर-घर सत्यापन प्रभावित हो रहा है।
- जल्दबाजी में डेटा एंट्री होने से कई तकनीकी त्रुटियां और विसंगतियां सामने आई हैं।
- बड़ी संख्या में झारखंड के प्रवासी मजदूर राज्य से बाहर होने के कारण समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि यदि अतिरिक्त समय नहीं दिया गया तो हजारों पात्र मतदाता अपने मतदान अधिकार से वंचित हो सकते हैं।
विशेष शिविर लगाने की भी मांग
ज्ञापन में निर्वाचन आयोग से यह भी आग्रह किया गया है कि पंचायत और मतदान केंद्र स्तर पर विशेष सहायता शिविर आयोजित किए जाएं। साथ ही 15 अगस्त को होने वाली ग्राम सभा बैठकों के माध्यम से लोगों को प्रारूप मतदाता सूची और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी देने की व्यवस्था की जाए।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि फिलहाल राज्य में कोई तत्काल चुनाव नहीं है, इसलिए समय सीमा में कुछ दिनों का विस्तार लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक है।
कांग्रेस कोटे से बोर्ड, निगम और 20 सूत्री समितियों में नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू
संवाददाता सम्मेलन के दौरान Congress ने संगठनात्मक स्तर पर एक और महत्वपूर्ण फैसला साझा किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने झारखंड में कांग्रेस कोटे के तहत विभिन्न राज्य बोर्डों, निगमों और 20 सूत्री कार्यक्रम समितियों में रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
इस संबंध में AICC की ओर से झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को पत्र भेजकर एक चयन समिति (Selection Committee) के गठन का निर्देश दिया गया है।
चयन समिति में कौन-कौन होंगे शामिल?
चयन समिति के संयोजक के रूप में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश कार्य करेंगे। समिति में कांग्रेस विधायक दल के नेता, उपनेता, प्रदेश कांग्रेस के सभी पूर्व अध्यक्ष और पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष सदस्य होंगे।
नियुक्तियों के लिए तय किए गए प्रमुख मानदंड
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया में निम्नलिखित बिंदुओं को प्राथमिकता दी जाएगी—
- पार्टी के प्रति लंबे समय से समर्पित कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता।
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और महिलाओं का पर्याप्त प्रतिनिधित्व।
- सभी क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों के बीच संतुलित भागीदारी सुनिश्चित करना।
समिति प्रत्येक रिक्त पद के लिए सर्वसम्मति से एक नाम प्रस्तावित करने का प्रयास करेगी। अंतिम सूची को AICC की मंजूरी मिलने के बाद झारखंड सरकार को भेजा जाएगा, जिसके बाद नियुक्तियों की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होगी।








