Jharkhand News: झारखंड सरकार ने ऐतिहासिक खरसावां गोलीकांड के शहीदों की पहचान के लिए एक बार फिर गंभीर पहल शुरू की है। बुधवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विधायक दशरथ गागराई के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि सरकार जल्द ही उच्चस्तरीय न्यायिक जांच समिति गठित करेगी, ताकि घटना से जुड़ी वास्तविक जानकारी सामने आ सके।
Jharkhand News: खरसावां गोलीकांड आदिवासी अस्मिता और संघर्ष की एक दर्दनाक याद
मंत्री ने कहा कि 1 जनवरी 1948 का खरसावां गोलीकांड आदिवासी अस्मिता और संघर्ष की एक दर्दनाक याद है। 2015 में बनी समिति ने जांच के दौरान माना था कि इस मामले की गहराई से पड़ताल बेहद जरूरी है। लाखों की भीड़ पर हुई गोलीबारी से कितने लोग शहीद हुए और वे किन–किन जगहों से पहुंचे थे, इसका आज तक स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
समिति की जांच में केवल दो लोगों की पहचान हो सकी थी, जबकि स्थानीय लोग इसे स्वतंत्र भारत की पहली “जालियावाला जैसी त्रासदी” बताते हैं।
विधायक गागराई ने सदन में कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य गठन के 25 वर्ष बाद भी शहीदों की पहचान सुनिश्चित नहीं हो पाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले बजट सत्र तक सरकार न्यायिक आयोग का गठन कर देगी, जिससे दशकों पुरानी इस पीड़ा को न्याय मिल सके।

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