पलामू(Jharkhand): झारखंड पुलिस अब संगठित अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए हाईटेक तकनीक का सहारा लेने जा रही है। पारंपरिक पुलिसिंग के साथ डिजिटल इंटेलिजेंस को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस ने ‘सी-360 (Crime 360)’ नाम का अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर विकसित किया है। इस सॉफ्टवेयर के जरिए आदतन अपराधियों की पूरी डिजिटल प्रोफाइल कुछ ही सेकेंड में पुलिस अधिकारियों के सामने होगी।
इस नई व्यवस्था की शुरुआत सबसे पहले पलामू जिले से की जा रही है। इसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे झारखंड में लागू करने की योजना है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जुलाई के तीसरे सप्ताह से यह सिस्टम पूरी तरह काम करना शुरू कर सकता है।
Jharkhand में अपराधियों के घरों की होगी GPS मैपिंग
C-360 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पहली बार अपराधियों के घरों की GPS मैपिंग की गई है। यानी अपराधियों के घरों के साथ-साथ उनके पनाहगारों और जमानतदारों के घरों के अक्षांश (Latitude) और देशांतर (Longitude) भी डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज किए जाएंगे।
इससे किसी भी आपराधिक घटना के बाद पुलिस संबंधित अपराधी तक तेजी से पहुंच सकेगी और उसके नेटवर्क का भी तुरंत पता लगा सकेगी।
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एक क्लिक पर मिलेगी पूरी डिजिटल प्रोफाइल
इस सॉफ्टवेयर में अपराधियों से जुड़ी लगभग हर महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध रहेगी। इनमें शामिल हैं-
- अपराधी के घर की GPS लोकेशन
- चल और अचल संपत्ति का विवरण
- वाहन संबंधी जानकारी
- परिवार और रिश्तेदारों का रिकॉर्ड
- संभावित ठिकानों की जानकारी
- पनाहगार और जमानतदारों का पूरा विवरण
- आपराधिक इतिहास और दर्ज मुकदमे
- न्यायालय में लंबित मामलों की जानकारी
- सोशल मीडिया अकाउंट और उनकी गतिविधियां
पुलिस लगातार नए अपराधियों और उनके नेटवर्क से जुड़ी जानकारियां भी इस सिस्टम में अपडेट करती रहेगी।
मोबाइल ऐप से भी होगा लिंक
झारखंड पुलिस C-360 को अपनी मोबाइल एप्लीकेशन से भी जोड़ रही है। इससे फील्ड में मौजूद पुलिस अधिकारी मौके पर ही किसी भी अपराधी की पूरी प्रोफाइल अपने मोबाइल पर देख सकेंगे। इससे कार्रवाई की गति तेज होगी और जांच में लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा।
पलामू, गढ़वा और लातेहार का डेटा तैयार
फिलहाल पलामू, गढ़वा और लातेहार जिलों में सक्रिय संगठित अपराधियों का डेटा C-360 में अपलोड किया जा चुका है। आने वाले समय में पूरे राज्य के अपराधियों का रिकॉर्ड इस डिजिटल डेटाबेस में शामिल किया जाएगा।
डीआईजी किशोर कौशल की पहल
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल की पहल पर विकसित किया गया है। उनका कहना है कि C-360 अपराधियों का एक समेकित डिजिटल डेटाबेस है, जिसमें उनके सोशल मीडिया, संपत्ति, परिवार, पनाहगार, जमानतदार और आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी सभी अहम जानकारियां उपलब्ध रहेंगी।
उन्होंने कहा कि इस सिस्टम के जरिए संगठित अपराधियों की प्रभावी निगरानी संभव होगी और किसी भी बड़ी वारदात के बाद पुलिस को आरोपितों तक पहुंचने में पहले की तुलना में कहीं कम समय लगेगा।
झारखंड पुलिस के लिए क्यों है खास?
C-360 के लागू होने के बाद झारखंड पुलिस को अपराधियों के नेटवर्क की पहचान, लोकेशन ट्रैकिंग और त्वरित कार्रवाई में बड़ी मदद मिलेगी। तकनीक आधारित यह पहल राज्य में संगठित अपराध पर नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।







