झारखंड में सहायक अध्यापकों का मुद्दा एक बार फिर गरमाता नजर आ रहा है। झारखंड राज्य आकलन सफल सह प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघ की ओर से 11 अगस्त को विधानसभा के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया जाएगा।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष ऋषिकांत तिवारी, महासचिव संजीव कुमार सिंह उर्फ बबलू, उपाध्यक्ष महेश मेहता और कोषाध्यक्ष बसंत कुमार ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि 29 अप्रैल 2026 को झारखंड सरकार के साथ हुए लिखित समझौते पत्र के अनुसार आकलन को सहायक टेट के समतुल्य करने का अनुपालन नहीं किया गया है।
संघ का कहना है कि बार-बार अनुरोध पत्र देने के बावजूद वार्ता को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। इससे सहायक अध्यापकों में रोष और असंतोष व्याप्त है और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
क्या हैं सहायक अध्यापकों की मांगें?
संघ ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें आकलन परीक्षा प्रमाण पत्र जारी करने से लेकर स्थाईकरण और मानदेय बढ़ोतरी तक की मांग शामिल है।
1. आकलन परीक्षा को टेट के समतुल्य मान्यता
संघ की मांग है कि आकलन परीक्षा का प्रमाण पत्र जारी करते हुए आकलन परीक्षा को टेट के समतुल्य मान्यता प्रदान की जाए।
2. 45 हजार सहायक अध्यापकों का स्थाईकरण
संघ ने माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार राज्य के 45 हजार आकलन सफल, प्रशिक्षित सहायक अध्यापक (पारा शिक्षक) को सहायक आचार्य के तर्ज पर स्थाईकरण करने की मांग की है।
3. प्रशिक्षित सहायक अध्यापकों के लिए स्पेशल टेट परीक्षा
प्रशिक्षित सहायक अध्यापकों के लिए विभागीय स्पेशल टेट परीक्षा आयोजित करने की मांग की गई है। इसके साथ ही वर्तमान आयोजित परीक्षा में अनुभव के आधार पर 30 प्रतिशत रिलैक्सेशन देने की मांग भी रखी गई है।
ये भी पढ़ें: JPSC धांधली मामले में सीआईडी ने तीन सदस्यों को भेजा समन, टीडीपीएल को ठेका मिलने पर सवाल4. 961 सहायक अध्यापकों की बर्खास्तगी का पत्र निरस्त करने की मांग
संघ ने 961 सहायक अध्यापकों का बर्खास्तगी का पत्र निरस्त करने और जल्द से जल्द उनका मानदेय जारी करने की मांग की है।
5. 7 हजार रुपये मानदेय बढ़ाने की मांग
संघ ने महंगाई को देखते हुए सभी कोटि के सहायक अध्यापकों के मानदेय में 7 हजार रुपये की बढ़ोतरी करने की मांग की है।
संघ का कहना है कि इन मांगों पर झारखंड सरकार सकारात्मक पहल करती है तो राज्य के 45 हजार सहायक अध्यापक एवं उनके परिजन इसके लिए सरकार के सदा आभारी रहेंगे।
बार-बार अनुरोध के बावजूद वार्ता पर पहल नहीं
संघ के नेताओं के मुताबिक, अपनी मांगों को लेकर कई बार अनुरोध पत्र दिया जा चुका है। इसके बावजूद वार्ता को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।
इसी वजह से सहायक अध्यापकों में लगातार रोष और असंतोष बढ़ रहा है। संघ का कहना है कि सहायक अध्यापक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
11 अगस्त को रांची कूच का आह्वान
अब संघ ने 11 अगस्त को विधानसभा के समक्ष होने वाले एक दिवसीय धरने को लेकर अधिक से अधिक संख्या में सहायक अध्यापकों से रांची कूच करने का अनुरोध किया है।
ऐसे में 11 अगस्त को विधानसभा के समक्ष होने वाला यह धरना सहायक अध्यापकों की लंबित मांगों और सरकार के साथ हुए लिखित समझौते के अनुपालन को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। ये भी पढ़ें: झारखंड JPSC-JSSC विवाद: छात्रों के समर्थन में निर्जला अनशन पर बैठे विधायक जयराम महतो, सरकार को दी चेतावनीवरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक। झारखंड, बिहार और राष्ट्रीय राजनीति, शिक्षा, प्रशासनिक मामलों और विकास नीतियों पर 10+ वर्षों का जमीनी पत्रकारिता अनुभव। निष्पक्ष और प्रमाणिक समाचार रिपोर्टिंग के लिए समर्पित।








