नई दिल्ली/रांची, 1 अगस्त 2026: झारखंड सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित एकीकृत पुनर्वास सह संसाधन केंद्र, झारखंड भवन, नई दिल्ली के समन्वय में चाईबासा पुलिस, दिल्ली पुलिस और एक स्थानीय एनजीओ की संयुक्त कार्रवाई में झारखंड की एक वांछित मानव तस्कर को शनिवार सुबह दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया। इसी अभियान के दौरान मानव तस्करी की शिकार खूंटी जिले की एक बालिका को भी सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
कई मामलों में थी वांछित, कोर्ट से जारी था गिरफ्तारी वारंट
अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार महिला मानव तस्कर के खिलाफ वर्ष 2023 से चाईबासा में मानव तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। आरोपी के विरुद्ध न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था। चाईबासा पुलिस पहले भी कई बार दिल्ली पहुंचकर उसकी गिरफ्तारी का प्रयास कर चुकी थी, लेकिन हर बार आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बच निकलती थी।
लगातार रेकी के बाद शनिवार सुबह हुई गिरफ्तारी
इस बार चाईबासा पुलिस, दिल्ली पुलिस, स्थानीय एनजीओ और एकीकृत पुनर्वास सह संसाधन केंद्र की संयुक्त रणनीति के तहत पिछले दो-तीन दिनों से आरोपी के संभावित ठिकानों की लगातार निगरानी और रेकी की जा रही थी। इसी अभियान के दौरान शनिवार सुबह लगभग 6 बजे आरोपी को उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से चाईबासा पुलिस को चार दिनों की रिमांड प्राप्त हुई है। अब पुलिस उससे मानव तस्करी से जुड़े अन्य मामलों और नेटवर्क के संबंध में पूछताछ करेगी।
खूंटी की एक बालिका को सुरक्षित किया गया रेस्क्यू
संयुक्त अभियान के दौरान एक अन्य मानव तस्कर की भी गिरफ्तारी की गई। उसके घर से खूंटी जिले की एक बालिका को सुरक्षित बरामद किया गया। बालिका को दिल्ली के सुभाष प्लेस थाना क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया।
पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया जा चुका है तथा फिलहाल उसे सुरक्षित गृह में रखा गया है। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद उसके सुरक्षित पुनर्वास की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव श्री उमाशंकर सिंह ने कहा कि मानव तस्करी के मामलों में विभाग की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। उन्होंने राज्य के सभी जिलों को निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने जिला समाज कल्याण पदाधिकारियों एवं जिला बाल संरक्षण पदाधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर संयुक्त टीम बनाकर नई दिल्ली भेजने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि संकट में फंसे बच्चों और महिलाओं को शीघ्र रेस्क्यू कर सुरक्षित उनके गृह राज्य वापस लाया जा सके।
पुनर्वास के बाद सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा
सचिव ने बताया कि रेस्क्यू के बाद पीड़ित बच्चों और महिलाओं को झारखंड सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। साथ ही उनकी निरंतर निगरानी भी की जाएगी, ताकि वे भविष्य में दोबारा मानव तस्करी का शिकार न बनें।
सैकड़ों पीड़ितों का हो चुका है सफल पुनर्वास
महिला एवं बाल विकास विभाग लगातार मानव तस्करी के खिलाफ सक्रिय अभियान चला रहा है। विभाग के अनुसार अब तक झारखंड के सैकड़ों बच्चों एवं महिलाओं को मानव तस्करी के चंगुल से सुरक्षित निकालकर उनका सफल पुनर्वास कराया जा चुका है।
झारखंड भवन का पुनर्वास केंद्र निभा रहा अहम भूमिका
गौरतलब है कि एकीकृत पुनर्वास सह संसाधन केंद्र, झारखंड भवन, नई दिल्ली मानव तस्करी एवं अन्य संकटग्रस्त परिस्थितियों में फंसी महिलाओं और बच्चों के संरक्षण, बचाव, पुनर्वास एवं गृह वापसी के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
यह पूरी कार्रवाई झारखंड भवन के स्थानिक आयुक्त श्री अरवा राजकमल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न की गई।
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