Jharkhand: झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 अगस्त से 1 सितंबर तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। ऐसे में 30 अगस्त, रविवार को भी राज्य के कई जिलों में मौसम सुहाना रहने के साथ-साथ अचानक तेज बारिश की स्थिति बन सकती है।
30 अगस्त को कैसा रहेगा Jharkhand का मौसम?
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 30 अगस्त को झारखंड के अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। रांची के लिए IMD के पूर्वानुमान में 30 अगस्त को अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की तीव्रता अलग रह सकती है। कहीं हल्की बारिश होगी तो कुछ इलाकों में अचानक तेज बौछार के साथ बिजली चमकने और तेज हवा चलने की स्थिति बन सकती है।
इन जिलों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
ताजा मौसम अलर्ट में झारखंड के कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश की संभावना बताई गई है। रांची, रामगढ़, सरायकेला-खरसावां, देवघर, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, गुमला, हजारीबाग, जामताड़ा, खूंटी, कोडरमा, पलामू और पश्चिमी सिंहभूम समेत कई क्षेत्रों में मौसम खराब होने पर सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम विभाग के मुताबिक कुछ स्थानों पर 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सतही हवाएं चल सकती हैं।
रांची में 30 अगस्त को बारिश के आसार
राजधानी रांची में रविवार को मौसम सामान्य तौर पर बादलयुक्त रहने की संभावना है। IMD के स्थानीय पूर्वानुमान में 30 अगस्त को कुछ दौर की बारिश या गरज के साथ बौछार का अनुमान है। दिन का तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
इसका मतलब यह है कि रविवार को रांची में सुबह से ही बादल छाए रह सकते हैं और दिन के किसी भी हिस्से में बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने क्यों जारी किया अलर्ट?
झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के कारण राज्य में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। IMD ने 29 अगस्त से अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ गरज, बिजली और तेज हवाओं की संभावना जताई है।
मौसम का यह बदलाव सिर्फ बारिश तक सीमित नहीं है। बिजली गिरने की स्थिति में खुले मैदान, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़ा होना जोखिम भरा हो सकता है।
किसानों के लिए क्या मायने रखता है?
झारखंड में इस समय खरीफ फसलों के लिए बारिश महत्वपूर्ण है। लगातार बारिश से खेतों में नमी बनी रह सकती है, लेकिन जहां बहुत ज्यादा पानी जमा होता है वहां जलनिकासी की समस्या भी पैदा हो सकती है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि तेज बारिश और आंधी की स्थिति में खेतों में अनावश्यक रूप से न जाएं तथा मौसम साफ होने के बाद ही जरूरी कृषि कार्य करें।
30 अगस्त को घर से निकलने से पहले देखें मौसम अपडेट
रविवार को यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। बारिश के दौरान सड़क पर दृश्यता कम हो सकती है और तेज हवा के कारण पेड़ या बिजली के तार गिरने जैसी घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है।
खासकर वज्रपात के दौरान खुले स्थान, ऊंचे पेड़ और जलाशयों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
1 सितंबर तक बना रहेगा बारिश का दौर
IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 30 अगस्त के बाद भी झारखंड में मौसम पूरी तरह साफ होने की उम्मीद नहीं है। 31 अगस्त और 1 सितंबर को भी कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
कुल मिलाकर 30 अगस्त 2026 को झारखंड में मानसून सक्रिय रहेगा। कई जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। राजधानी रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश के दौर की संभावना है। लोगों को वज्रपात और तेज हवा के दौरान सावधानी बरतने तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
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कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।








