Ranchi: झारखंड सरकार की ओर से नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन को राज्य के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य को निवेश, पर्यटन, उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की क्षमता रखता है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार को इस पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि झारखंड अब विकास की नई यात्रा की ओर बढ़ रहा है।
राजेश ठाकुर ने कहा कि किसी भी राज्य का विकास केवल प्राकृतिक संसाधनों से नहीं होता, बल्कि दूरदर्शी नीतियों, आधुनिक तकनीक, निवेश, नवाचार और कुशल मानव संसाधन के बेहतर समन्वय से संभव होता है। उनके अनुसार, सरकार द्वारा विशेषज्ञों, उद्योग जगत, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के साथ संवाद स्थापित करना भविष्य की मजबूत विकास रणनीति का संकेत है।
स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी
उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपातों, जंगलों, पहाड़ों, धार्मिक स्थलों और समृद्ध आदिवासी संस्कृति से भरपूर राज्य है। यदि पर्यटन के क्षेत्र में आधुनिक आधारभूत संरचना विकसित की जाए, स्थानीय लोगों को पर्यटन से जोड़ा जाए और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ब्रांडिंग की जाए, तो झारखंड देश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है। इससे स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
औद्योगिक विकास पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज और ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध है। अब समय की मांग है कि पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ हरित उद्योग, मूल्य संवर्धन आधारित विनिर्माण, एमएसएमई और स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी बढ़ावा दिया जाए। इससे राज्य के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
आईटी और डिजिटल अर्थव्यवस्था भविष्य का सबसे बड़ा
राजेश ठाकुर ने आईटी और डिजिटल अर्थव्यवस्था को भविष्य का सबसे बड़ा क्षेत्र बताते हुए कहा कि झारखंड में आईटी पार्क, डेटा सेंटर, बीपीओ, फिनटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर और डिजिटल सेवा उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार मजबूत नीतियां, विश्वस्तरीय डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और कौशल विकास कार्यक्रमों को प्राथमिकता देती है, तो झारखंड पूर्वी भारत का प्रमुख आईटी और इनोवेशन हब बन सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब विशेषज्ञों और उद्योग जगत से मिले सुझावों को समयबद्ध कार्ययोजना के तहत धरातल पर लागू किया जाएगा। सरकार, उद्योग, विशेषज्ञों और स्थानीय समुदायों के बीच मजबूत साझेदारी ही झारखंड को निवेश, पर्यटन और तकनीकी नवाचार का अग्रणी राज्य बना सकती है।
राजेश ठाकुर ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में शुरू हुई यह पहल झारखंड के विकास की नई इबारत लिखेगी। इससे राज्य में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और झारखंड आत्मनिर्भर एवं निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक राज्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।

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