रांची: 1 सितंबर से लागू झारखंड की नई आबकारी नीति के शानदार परिणाम सामने आ रहे हैं। आबकारी एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सोमवार को विभाग के सचिव और आयुक्त के साथ राज्य में शराब की बिक्री और प्रबंधन की समीक्षा बैठक की।
इस सत्र में यह बात सामने आई कि सितंबर 2025 में राज्य का राजस्व पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 48% बढ़ा है – जो नई नीति की सफलता का एक स्पष्ट संकेत है।
‘ट्रैक एंड ट्रेस’ सिस्टम के ज़रिए हर शराब की बोतल पर नज़र रखी जाएगी
बेहतर निगरानी के लिए, विभाग जल्द ही झारखंड में बिकने वाली हर शराब की बोतल पर ‘ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम’ लागू करेगा।
यह इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम अधिकारियों को फैक्ट्री से लेकर खुदरा दुकान के काउंटर तक बोतलों पर नज़र रखने में मदद करेगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि नकली और ज़हरीली शराब उपभोक्ताओं तक न पहुँचे।
दिवाली के बाद एक विशेष आबकारी टीम इस सिस्टम को लागू करने के सर्वोत्तम तरीकों का निरीक्षण करने के लिए उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल का दौरा करेगी।
> “एक बार यह सिस्टम लागू हो जाने पर, इससे न केवल शराब की अवैध बिक्री रुकेगी, बल्कि सरकारी राजस्व में भी वृद्धि होगी और जनता सुरक्षित रहेगी,”
> — योगेंद्र प्रसाद, आबकारी मंत्री, झारखंड
सभी शराब की दुकानों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य
सभी राज्य खुदरा शराब दुकानों को अब ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग सुविधाओं वाले सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा।
इन रिकॉर्डिंग से ग्राहकों और दुकानदारों के बीच विवाद सुलझेंगे और साथ ही अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से ज़्यादा पैसे वसूलने पर भी रोक लगेगी।
मंत्री ने जनता से अपील की कि वे शराब खरीदते समय हमेशा बिल लें, जिससे तय मूल्य से ज़्यादा कीमत पर शराब बेचने वाली दुकानों की पहचान हो सकेगी।
सरकार के मुख्य उद्देश्य
* शराब की बिक्री में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना
* नकली या ज़हरीली शराब की बिक्री रोकना
* उचित निगरानी के ज़रिए राज्य के राजस्व में वृद्धि
* उपभोक्ता अधिकारों और सुरक्षा की रक्षा करना

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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