नई दिल्ली: लोकसभा में महिला आरक्षण और सीटों के परिसीमन से जुड़े तीन संशोधित विधेयकों पर आज दूसरे दिन भी चर्चा जारी है। पहले दिन इस मुद्दे पर करीब 13 घंटे तक बहस हुई थी।
इसी बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए महिलाओं को संसद में 33% आरक्षण देने वाला ‘महिला आरक्षण अधिनियम-2023’ आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है। जारी अधिसूचना के अनुसार यह कानून 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है। गौरतलब है कि यह विधेयक सितंबर 2023 में संसद के विशेष सत्र के दौरान पारित हुआ था।
हालांकि कानून लागू होने के बावजूद इसका वास्तविक लाभ तुरंत नहीं मिलेगा। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि महिला आरक्षण का क्रियान्वयन जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संभव होगा। मौजूदा स्थिति के अनुसार यह प्रक्रिया 2026-27 की जनगणना के बाद पूरी होगी, जिसके आधार पर नया परिसीमन किया जाएगा और तब 2034 से यह आरक्षण प्रभावी होगा।
सरकार की ओर से यह भी साफ किया गया है कि यदि वर्तमान में चर्चा हो रहे तीनों संशोधन विधेयक पास नहीं होते हैं, तब भी कानून लागू रहेगा। लेकिन 2029 के आम चुनाव से ही महिला आरक्षण लागू करने के लिए इन कानूनों में संशोधन जरूरी माना जा रहा है।
वहीं विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए सवाल उठाया है कि जब संसद में इस कानून पर चर्चा जारी है, तो इसे इतनी जल्दबाजी में लागू करने की क्या जरूरत थी। हालांकि सरकार ने अधिसूचना में यह स्पष्ट किया है कि कानून लागू करने की तारीख तय करने का अधिकार उसके पास है।
अब सभी की नजरें शाम 4 बजे होने वाली वोटिंग पर टिकी हैं, जहां इन संशोधन विधेयकों का भविष्य तय होगा।













