‘Danish‘ और साजिश की वो खौफनाक स्क्रिप्ट
13 अप्रैल 2026 एक ही दिन, देश ने दो अलग-अलग शहर और साजिश की पैटर्न सेम…., ऐसा कारनामा जिसने देश को झकझोर कर रख दिया…., केरला फाइल्स जैसी फ़िल्मी स्क्रिप्ट को पछाड़ते हुए मजहबी मानसिकता की जंजीरों में जकड़ी सोच ने, बहुसंख्यक समुदाय की युवतियों को अपना शिकार बनाते हुए, देश को गभीर चिंता और जख्म दिया है, जो हर बेटी के परिजनों के लिए किसी काले सपने से कम नही है।
राँची और नासिक दो शहर और दोनो जगहो पर घटी वारदात सुर्खियों में है
एक तरफ नासिक में टीसीएस की महिला कर्मचारियों ने यौन शोषण और प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाकर सनसनी मचा दी, तो वहीं रांची में एक छात्रा के साथ नशीला पदार्थ देकर दरिंदगी की वारदात सामने आई। हैरान करने वाली बात ये रही कि दोनों ही मामलों में एक नाम बार-बार उभर कर सामने आया—दानिश(Danish)। अब महज इसे इतफाक ही कहा जा सकता है कि दोनों घटनाओं में दोस्ती के रिश्ते को तार तार किया गया है। एक ने दोस्ती के भरोसे और दूसरे मामले ने तो कॉर्पोरेट कार्यस्थल की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए है।
नासिक TCS मामला: कार्यस्थल पर यौन शोषण
नासिक के इस मामले में टीसीएस में काम करने वाली आठ महिलाओं ने अपने ही ऑफिस के माहौल पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दफ्तर के भीतर महिला कर्मचारियों को लगातार धमकाया गया, उनका यौन शोषण किया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। अब तक इस मामले में कुल 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1 महिला समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में दानिश(Danish) शेख का नाम भी शामिल है, जो इस केस का एक अहम किरदार बताया जा रहा है।
रांची की वारदात: मेडिकल छात्रा के साथ धोखे से बर्बरता
अब रुख करते हैं क्रिकेट के दुनिया के सफलतम खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी के शहर रांची की ओर, जहां उसी दिन एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। मेडिकल की पढ़ाई कर रही एक छात्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसे उसकी ही बेस्ट फ्रेंड की बर्थडे पार्टी के दौरान मुस्लिम युवको के द्वारा पिज्जा में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश किया गया और उसके साथ दानिश नामक युवक के द्वारा बर्बरता की सारी सीमाओं को इज्जत को तार-तार करते हुए दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया।
पीड़िता ने अस्पताल में दर्द से तड़पते हुए अपना बयान पुलिस के समक्ष दर्ज कराया, जिसने पूरे मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज दो दिनों के भीतर 1 महिला समेत 2 आरोपियों (मो दानिश(Danish) और मो फ़हद मल्लिक ) को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक अन्य आरोपी शादाब अब भी फरार है। उसकी तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। लेकिन यहां छात्रा के साथ अत्याचार करने वाले आरोपी का नाम भी दानिश है।
विधायक सरयू राय का खुलासा: ‘संगठित गिरोह’ का खौफनाक जाल
इस बीच जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने भी इस मामले को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जन्मदिन मनाने के बहाने छात्रा के साथ हुई इस शर्मनाक घटना में शामिल सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की जांच को सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसके पीछे छिपे पूरे नेटवर्क का खुलासा होना चाहिए।
सरयू राय ने दावा किया कि उन्हें विश्वसनीय जानकारी मिली है कि जिस शैक्षणिक क्षेत्र में यह घटना हुई है, वहां एक संगठित गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह छात्राओं को अलग-अलग तरीकों से अपने जाल में फंसाता है और एक बार जब कोई लड़की इसमें फंस जाती है, तो उसे ही अन्य लड़कियों को फंसाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि ओली विश्वकर्मा नाम की लड़की, जो पीड़िता को जन्मदिन के बहाने घटनास्थल तक लेकर गई थी, खुद पहले इस गिरोह का शिकार बन चुकी थी और अब उसी के लिए काम कर रही है। ऐसी कई लड़कियां हैं जो इस गिरोह के चंगुल में फंस चुकी हैं।
ब्लैकमेलिंग का खेल: SIT या CBI जांच की उठती मांग
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह गिरोह लड़कियों की फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता है। समाज और परिवार की बदनामी के डर से ज्यादातर छात्राएं चुप रह जाती हैं, और यही इस गिरोह की सबसे बड़ी ताकत बन जाती है। उन्होंने पुलिस से मांग की कि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाए और इसके सरगना तक पहुंचा जाए, ताकि अब तक जितनी भी लड़कियां इसका शिकार हुई हैं, उन्हें न्याय मिल सके।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी आशंका जताई कि इस मामले की जांच के दौरान किसी बड़े षड्यंत्र या प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है। ऐसे में उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाए या फिर इसे सीबीआई को सौंप दिया जाए।
सिटी एसपी की पुष्टि: साक्ष्य मिटाने की कोशिश
इधर प्रेस कॉन्फ्रेंस वाले दिन रांची के सिटी एसपी ने भी पुष्टि की है कि ओली विश्वकर्मा ने ही पीड़िता को इस जाल में फंसाया और बाद में साक्ष्य छिपाने की कोशिश भी की। फिलहाल इस मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं। आने वाले दिनों में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या सरयू राय ने जिस तरह से गिरोह का जिक्र किया है। क्या वाकई में इस घटना के पीछे एक गिरोह काम कर रहा है?













