Sonam Wangchuk: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 19 दिनों से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक के लिए दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने जान बचाने के लिए सारा इंतजाम करने का आदेश दिया है। दरअसल एक दिन पहले दिए गए नोटिस पर केंद्र सरकार का जवाब भी आया है। केंद्र सरकार के जवाब से अदालत संतुष्ट है। केंद्र सरकार ने कहा है कि सोनम वांगचुक की सरकारी डॉक्टर से जांच कराने और जरूरत पड़ने पर मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने को राजी है।
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केंद्र सरकार के जवाब पर संतुष्ट अदालत
बदा दें कि आज दिल्ली हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय औऱ जस्टिस तेजस करिया की बेंच के सामने केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाजिए हुए। जहां अदालत ने मेहता ने कहा कि सरकारी डॉक्टर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की लगातार जांच करे। याचिका का जिक्र करते हुए अदालत ने हा कि पीआईएल में कहा गया कि सोनम 17-18 दिन से अनशन पर है इसकी वजह से उनका स्वास्थ्य खराब है। इस पर केंद्र सरकार की तरफ से पहले अदालत को कहा गया कि अभी प्राइवेट डॉक्टर उनका जांच कर रही है। जब भी सरकारी डॉक्टर को इजाजत दी जाती है वह भी देखते है। वहीं अदालत के निर्देष पर सहमति जताते हुए केंद्र के तरफ से कहा गया कि सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर प्रतिदिन सरकारी डॉक्टर ओर एक्सपर्ट नजर बनाए रखेंगे। वहीं अदालत ने मिली भरोसे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी नागरिक की जान मूल्यवान है और इसे बचाने के लिए सरकार को सभी प्रयास करना चाहिए।
राकेश कुमार सैनी ने दायर किया था पीआईएल
दरअसल एडवोकेट राकेश कुमार सैनी की तरफ से दायर किया गया पीआईएल में यह कहा गया था कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रदर्शन कर रहे एक नागरिक पूरे देश के सामने एक तरह से अपनी जान दे रहा है। उनह्ने मांग की थि कि केंद्र औऱ राज्य सरकार को निर्देश दिया जाए कि सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया जाए। साथ ही याचिका में कहा गया है कि सरकार इस मामले को लेकर चिंतित नहीं दिखती है। लेकिन अदालत किसी नागरिक को स्वेच्छा से भूख से मरने की अनुमति सरकार को नहीं देगी। साथ ही पीआईएल में यह भी कहा गया था कि यदि वांगचुक की जान जाती है तो यह देश के लिए बेहद ही शर्म की बात होगी।
19 दिनों से अनशन पर बैठे है वांगचुक
इधर सोनम वांगचुक की तबियत की अगर बात की जाए, तो आज 19 दिनों से वांगचुक अनशन पर बैठे हुए है। जंतर-मंतर पर उनके स्वास्थ्य की जांच करने वाले डॉक्टरों के मुताबिक वजन में करीब 9 किलो की गिरावट आई है। वहीं वांगचुक का एक वीडियो बुधवार की रात को सोशल मीडिया के जरिए सोशल मीडिया पर सामने आई थी। जहां उन्होंने कहा था कि उनका शरीर जरूर कमजोर हुआ है, लेकिन अभी वह कई दिनों तक अनशन करने में सक्षम है। मीडिया के द्वारा जब उनसे धरमेंद्र प्रधान के इस्तिफे की बात को लेकर सवाल किए गए थे। तो उन्होंने यह कहा था कि यह सिर्फ बात इस्तिफा तक सिमित नहीं रहेंगा। बल्कि यह सरकार के लिए एक नई शुरूआत करने जा रहा है। जहां सरकार जवाब देने के लिए तत्पर साबित होगी।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
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