Ranchi: राजधानी रांची स्थित रिम्स एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवालों के घेरे में है। गुमला से गंभीर हालत में रेफर किए गए जुड़वां नवजात बच्चों में से एक की मौत हो गई, जबकि दूसरे की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है। इस घटना के बाद परिजनों ने रिम्स प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
गुमला सदर अस्पताल से रिम्स में किया गया था रेफर
जानकारी के अनुसार, गुमला सदर अस्पताल से दोनों नवजातों को बेहतर इलाज के लिए ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ रिम्स भेजा गया था। परिजनों का कहना है कि रिम्स पहुंचने पर उन्होंने डॉक्टरों को बच्चों की गंभीर स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद उन्हें चौथी मंजिल स्थित वार्ड में जाने के लिए कहा गया।
परिजनों के मुताबिक, बच्चों को गोद में लेकर चौथी मंजिल तक पहुंचने के बाद उन्हें बताया गया कि वार्ड में कोई बेड उपलब्ध नहीं है। आरोप है कि इसके बाद वे बच्चों को लेकर वापस नीचे आए, लेकिन तब तक उन्हें लाने वाली एम्बुलेंस भी जा चुकी थी। इस दौरान बच्चों को आवश्यक ऑक्सीजन सपोर्ट नहीं मिल सका।
इलाज में हुई देरी के कारण एक नवजात की मौत-परिजनों का आरोप
परिजनों का दावा है कि ऑक्सीजन की कमी और इलाज में हुई देरी के कारण एक नवजात की मौत हो गई। वहीं दूसरा बच्चा फिलहाल रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
यह घटना राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि जांच में परिजनों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी चूक मानी जाएगी। फिलहाल मामले में रिम्स प्रबंधन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है।

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