Nipah Virus Alert: केरल में इस साल निपाह वायरस का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। कोझिकोड जिले के एक व्यक्ति की रिपोर्ट निपाह वायरस पॉजिटिव आई है। मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। राज्य सरकार ने संक्रमण की पुष्टि होते ही पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, मरीज को हल्का बुखार आने के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर उसे कोझिकोड मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। स्वास्थ्य विभाग की जांच में निपाह वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई।
कैसे हुआ संक्रमण?
अधिकारियों के मुताबिक, मरीज ने हाल ही में एक गोदाम किराए पर लिया था और उसकी सफाई खुद की थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी दौरान वह संक्रमित हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि निपाह वायरस मुख्य रूप से फ्रूट बैट यानी फल खाने वाले चमगादड़ों से फैलता है।
संपर्क में आए लोगों पर नजर
स्वास्थ्य विभाग ने मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान शुरू कर दी है। अस्पताल के स्टाफ और करीबी संपर्कों को क्वारंटीन में रहने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बेहद जरूरी है।
2018 के बाद छठी बार फैला संक्रमण
केरल में 2018 के बाद यह निपाह वायरस का छठा प्रकोप है। वर्ष 2024 में भी दो मामले सामने आए थे, जिनमें एक मरीज की मौत हो गई थी। भारत में निपाह का पहला मामला 2001 में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में दर्ज किया गया था।
भारत में अलग है संक्रमण का पैटर्न
विशेषज्ञों के अनुसार, मलेशिया में निपाह वायरस मुख्य रूप से सूअरों के जरिए फैला था, जबकि भारत और बांग्लादेश में अधिकतर मामलों में संक्रमण का स्रोत चमगादड़ रहे हैं। यही वजह है कि भारत में इसके फैलने का पैटर्न अन्य देशों से अलग माना जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों से अपील कर रहे हैं कि बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में परेशानी या अन्य असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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