Crime News: नीरज सिंह हत्याकांड में SFSL के डायरेक्टर व डिप्टी डायरेक्टर आर एस सिंह एवं बी के ठाकुर को गवाही हेतू सम्मन जारी करने के आदेश को अभियोजन उच्च न्यायालय मे चुनौती देगी. शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक सतेंद्र राय ने आवेदन दायर कर अदालत को यह बताया. 18 जून 25 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चन्द्र अवस्थी की अदालत ने सागर सिंह द्वारा दायर अर्जी को स्वीकार करते हुए SFSL के डायरेक्टर व डिप्टी डायरेक्टर को गवाही हेतू हाजिर होने का आदेश दिया था. सागर की अर्जी पर दलील देते हुए अधिवक्ता मोहम्मद जावेद ने कहा था कि SFSL के द्वारा विभिन्न तरह के सामानों की जांच की गई थी। फिंगरप्रिंट, डीएनए भी जांच की गई थी, क्राइम सीन पर SFSL ने फोटोग्राफ्स भी बनाए थे परंतु उन्हें अभियोजन ने गवाही के लिए नहीं बुलाया. दोनों गवाह विशेषज्ञ गवाह है जिनकी गवाही इस मामले में आवश्यक है इसलिए एस एफ एस एल के डायरेक्टर व डिप्टी डायरेक्टर को गवाही देने हेतु नोटिस जारी किया जाए. वहीं अपर लोक अभियोजक सतेंद्र राय ने आवेदन का विरोध करते हुए कहा था कि दोनों दस्तावेज पूर्व में ही प्रदर्श के रूप में अंकित किए जा चुके हैं इसलिए उन्हें बुलाने की आवश्यकता नहीं है। उभय पक्ष को सुनने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया था. बताते हैं कि इस मुकदमे में आरोप पत्र में पुलिस ने कुल 70 लोगों को गवाह बनाया था जिसमें से अभियोजन ने 37 गवाहों का परीक्षण अदालत में कराया है. जबकि SFSL के डायरेक्टर व डिप्टी डायरेक्टर का परीक्षण नहीं कराया था।
Read more- PM मोदी ने पटना-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी, जानिए पूरी टाइमिंग
21 मार्च 2017 के संध्या 7 बजे नीरज सिंह अपने फॉच्यूनर कार JH-10-AR-4500 से सरायढ़ेला स्थित अपने आवास रघुकुल लौट रहे थे। वह ड्राईवर के साथ आगे सीट पर बैठे थे। पीछे के सीट पर उनका सहायक सरायढ़ेला न्यू कॉलोनी निवासी अशोक यादव और दो निजी अंगरक्षक मुन्ना तिवारी बैठे थे। स्टील गेट के पास बने स्पीड ब्रेकर पर नीरज की गाड़ी की रफ्तार कम होते ही दो बाईक पर सवार कम से कम 4 हमलावरों ने उनकी कार पर गोलियों की बरसात कर हत्या कर दी थी।
Read more- PM मोदी आज बिहार दौरे पर, सिवान में करेंगे बड़ी चुनावी रैली









