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आखिर क्यों ‘Quit India Movement’ बना आजादी की लड़ाई का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट?

Quit India Day: भारत छोड़ो दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं! जानिए 8 अगस्त 1942 को आखिर क्या हुआ था, क्यों गूंजा था 'करो या मरो' और कैसे बदला भारत का इतिहास।

अगस्त 21, 2026
in खबर हटके
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Quit India Day

8 अगस्त 1942 की वो घटना, जिसने अंग्रेजों की नींव हिला दी थी

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Quit India Day: हर साल 8 अगस्त को भारत में भारत छोड़ो दिवस (Quit India Day) मनाया जाता है। यह दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे निर्णायक आंदोलनों में से एक ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की याद में मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1942 में महात्मा गांधी ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अंतिम जनआंदोलन का आह्वान करते हुए देशवासियों को “करो या मरो” (Do or Die) का मंत्र दिया था। इस आंदोलन ने ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी और भारत की आजादी का रास्ता और मजबूत किया।

भारत छोड़ो दिवस(Quit India Day) क्या है?

भारत छोड़ो दिवस (Quit India Day) वह राष्ट्रीय स्मृति दिवस है, जिसे 8 अगस्त 1942 को शुरू हुए भारत छोड़ो आंदोलन की याद में मनाया जाता है। यह दिन उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों, छात्रों, महिलाओं, किसानों और आम नागरिकों के संघर्ष और बलिदान को सम्मान देने का अवसर है, जिन्होंने भारत को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त कराने के लिए आंदोलन में भाग लिया। हालांकि यह राष्ट्रीय अवकाश (National Holiday) नहीं है, लेकिन देशभर के स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी संस्थानों और विभिन्न संगठनों में इस अवसर पर संगोष्ठियां, भाषण, निबंध प्रतियोगिताएं और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

भारत छोड़ो दिवस कब से मनाया जाता है?

भारत छोड़ो दिवस की शुरुआत किसी अलग सरकारी घोषणा से नहीं हुई, बल्कि 8 अगस्त 1942 को मुंबई (तत्कालीन बंबई) के ग्वालिया टैंक मैदान (वर्तमान अगस्त क्रांति मैदान) में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) द्वारा पारित ऐतिहासिक प्रस्ताव से हुई। उसी दिन महात्मा गांधी ने अंग्रेजों से भारत छोड़ने की मांग करते हुए ऐतिहासिक भाषण दिया और “करो या मरो” का नारा दिया। इसके बाद हर वर्ष 8 अगस्त को इस ऐतिहासिक आंदोलन की स्मृति में भारत छोड़ो दिवस मनाया जाने लगा।

भारत छोड़ो दिवस क्यों मनाया जाता है?

भारत छोड़ो दिवस मनाने का उद्देश्य केवल इतिहास को याद करना नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को यह बताना भी है कि भारत की आजादी लाखों लोगों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। इस दिन को मनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य हैं-
  • स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को सम्मान देना।
  • महात्मा गांधी के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक आंदोलन को याद करना।
  • लोकतंत्र, स्वतंत्रता और राष्ट्रीय एकता के महत्व को समझाना।
  • युवाओं में देशभक्ति और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
  • स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाना।

भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत कैसे हुई?

साल 1942 में दूसरा विश्व युद्ध चल रहा था। ब्रिटिश सरकार ने भारतीय नेताओं से बिना सलाह लिए भारत को युद्ध में शामिल कर दिया। इससे पूरे देश में नाराजगी बढ़ गई। इसी दौरान ब्रिटिश सरकार ने क्रिप्स मिशन भेजा, लेकिन उसके प्रस्ताव भारतीय नेताओं को स्वीकार नहीं थे। इसके बाद 8 अगस्त 1942 को मुंबई के ग्वालिया टैंक मैदान में कांग्रेस की बैठक हुई, जहां भारत छोड़ो प्रस्ताव (Quit India Resolution) पारित किया गया। महात्मा गांधी ने अपने ऐतिहासिक भाषण में कहा- “करो या मरो” यहीं से भारत छोड़ो आंदोलन की औपचारिक शुरुआत हुई।

आंदोलन के बाद क्या हुआ?

9 अगस्त 1942 की सुबह ही महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद समेत कांग्रेस के अधिकांश बड़े नेताओं को ब्रिटिश सरकार ने गिरफ्तार कर लिया। लेकिन नेताओं की गिरफ्तारी के बावजूद आंदोलन नहीं रुका। देशभर में छात्र, युवा, किसान, मजदूर और महिलाएं सड़कों पर उतर आए। कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए और ब्रिटिश शासन के खिलाफ जनआंदोलन तेज हो गया।
भारत छोड़ो आंदोलन का क्या महत्व है?
इतिहासकारों के अनुसार, भारत छोड़ो आंदोलन ने यह स्पष्ट कर दिया था कि भारत पर अंग्रेजी शासन अधिक समय तक टिक नहीं सकता। यही आंदोलन आगे चलकर 1947 में भारत की स्वतंत्रता की मजबूत नींव बना।
भारत छोड़ो दिवस से जुड़े प्रमुख तथ्य
तथ्य जानकारी
दिवस भारत छोड़ो दिवस (Quit India Day)
कब मनाया जाता है? हर वर्ष 8 अगस्त
शुरुआत 8 अगस्त 1942
स्थान ग्वालिया टैंक मैदान (अगस्त क्रांति मैदान), मुंबई
नेतृत्व महात्मा गांधी
प्रसिद्ध नारा “करो या मरो”
उद्देश्य अंग्रेजों से भारत छोड़ने की मांग और पूर्ण स्वतंत्रता
भारत छोड़ो दिवस केवल एक ऐतिहासिक तारीख नहीं, बल्कि भारत की आजादी के लिए लड़े गए सबसे बड़े जनआंदोलनों की याद है। यह दिन हमें उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के साहस, बलिदान और देशभक्ति की याद दिलाता है, जिनके संघर्ष के कारण आज भारत एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक राष्ट्र है। इसलिए हर वर्ष 8 अगस्त को भारत छोड़ो दिवस मनाकर देश उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक नमन करता है। ये भी पढ़ें: Indigenous Day 2026: दुनिया के 47 करोड़ लोगों से जुड़ा है 9 अगस्त…आखिर क्यों मनाया जाता है विश्व आदिवासी दिवस?
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Ritika Singh
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