Lok Sabha: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान देते हुए बताया कि 10 मई को भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर जोरदार कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने युद्धविराम की पेशकश की थी। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान की ओर से डीजीएमओ स्तर पर संपर्क कर आग्रह किया गया कि कार्रवाई को रोका जाए। हमने यह प्रस्ताव इस शर्त पर स्वीकार किया कि यदि पाकिस्तान फिर कोई दुस्साहस करता है, तो ऑपरेशन फिर शुरू होगा।”
इस बयान के साथ भारत ने एक बार फिर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को खारिज किया, जिनमें उन्होंने कहा था कि भारत-पाक सीजफायर उनके प्रयासों से संभव हुआ था। ट्रंप ने यह भी कहा था कि उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार प्रस्ताव रखा था, जिसके बाद संघर्षविराम लागू किया गया। हालांकि भारत सरकार ने पहले भी और अब भी इन दावों को निराधार बताया है।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय सशस्त्र बलों की ओर से आतंकियों के खिलाफ की गई सीमापार जवाबी कार्रवाई है। इस ऑपरेशन में सेना ने न केवल आतंकी ठिकानों को तबाह किया, बल्कि पाकिस्तान को भी यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अब हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा।
Read More: ऑपरेशन सिंदूर की गूंज संसद में: राजनाथ बोले- सेना ने दुश्मन को 22 मिनट में खत्म किया
विपक्ष का सरकार पर हमला
विपक्ष इस पूरे प्रकरण पर लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। उनका आरोप है कि सरकार ट्रंप के दावे पर चुप्पी साधे हुए है और पारदर्शिता नहीं बरत रही।













