रांची: झारखंड में सहायक अध्यापकों (पारा शिक्षकों) का आक्रोश मंगलवार को सड़क पर दिखाई दिया। 2024 में सरकार के साथ हुए लिखित समझौते को लागू करने की मांग को लेकर करीब 45 हजार आकलन सफल और प्रशिक्षित सहायक अध्यापकों ने विधानसभा घेराव का प्रयास किया। कूटे मैदान में जुटे शिक्षक विधानसभा की ओर बढ़े, लेकिन मोरहाबादी चौक के पास भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच करीब आधे घंटे तक तीखी नोकझोंक हुई।
शिक्षकों ने बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी शिक्षक सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

कूटे मैदान से विधानसभा की ओर निकले हजारों शिक्षक
झारखंड राज्य आकलन सफल सह प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघ के बैनर तले मंगलवार को बड़ी संख्या में सहायक अध्यापक कूटे मैदान में जुटे थे। यहां से शिक्षक विधानसभा घेराव के लिए रवाना हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के प्रदेश अध्यक्ष ऋषिकांत तिवारी और महासचिव संजीव कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से की, जबकि संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष महेश मेहता ने किया।
संघ के नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार उनके साथ किए गए वादों को पूरा नहीं कर रही है। उनका कहना था कि पूर्व में कई दौर की वार्ता हो चुकी है, जिसमें मंत्री सुदीप्त कुमार सोनू, सरकार के सचिवों और राज्य परियोजना निदेशक की मौजूदगी में भी सहायक अध्यापकों की मांगों पर चर्चा हुई थी।
शिक्षकों का दावा है कि उस दौरान उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पांच दिन बाद वार्ता कर बेहतर सुविधाएं देने का आश्वासन दिया गया था। संघ का आरोप है कि बाद में सरकार अपने इस आश्वासन से पीछे हट गई।

2024 के लिखित समझौते को लागू करने की मांग
संघ के प्रदेश अध्यक्ष ऋषिकांत तिवारी ने कहा कि झारखंड सरकार और झारखंड सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के बीच 28 अगस्त 2024 और 4 नवंबर 2024 को लिखित समझौता हुआ था।
संघ के मुताबिक, समझौते में आकलन परीक्षा को TET के समतुल्य दर्जा, विभागीय TET परीक्षा के आयोजन और वर्षों से कार्यरत सहायक अध्यापकों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप सहायक आचार्य के पद पर समायोजित करने जैसे मुद्दे शामिल थे।
संघ का आरोप है कि समझौते के बाद काफी समय बीत जाने के बावजूद इन मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी को लेकर शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सहायक अध्यापकों की 5 बड़ी मांगें
धरना स्थल से संघ ने सरकार के सामने अपनी मांगों को रखा। इनमें प्रमुख रूप से ये मांगें शामिल हैं:
1. आकलन परीक्षा को TET के समतुल्य दर्जा आकलन परीक्षा का प्रमाण पत्र जारी कर उसे TET के समतुल्य मान्यता देने और आकलन सफल 45 हजार प्रशिक्षित सहायक अध्यापकों को सहायक आचार्य के तर्ज पर स्थायी करने की मांग की गई।
2. विभागीय स्पेशल TET का आयोजन प्रशिक्षित सहायक अध्यापकों के लिए विभागीय स्पेशल TET परीक्षा आयोजित करने की मांग की गई। साथ ही वर्तमान TET परीक्षा में अनुभव के आधार पर 30 प्रतिशत अंकों की छूट देने की मांग रखी गई।
3. मानदेय में 10 हजार रुपये की वृद्धि संघ ने बढ़ती महंगाई का हवाला देते हुए सहायक अध्यापकों के मानदेय में तत्काल 10 हजार रुपये की बढ़ोतरी करने की मांग की।
4. 961 शिक्षकों की बर्खास्तगी रद्द करने की मांग संघ ने 961 सहायक अध्यापकों को जारी बर्खास्तगी पत्र वापस लेने और उनका लंबित मानदेय जल्द जारी करने की मांग की।
5. सरकार के साथ आधिकारिक वार्ता संघ ने सरकार से जल्द आधिकारिक वार्ता कर सभी लंबित मुद्दों का समाधान निकालने की मांग की।
“23 साल से सेवा दे रहे, खुद को ठगा महसूस कर रहे”
प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने कहा कि वे लंबे समय से सरकार से अपनी मांगों को लेकर लगातार आग्रह कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें ठोस समाधान नहीं मिला है।
एक प्रदर्शनकारी शिक्षिका ने कहा, “हम 23 साल से सेवा दे रहे हैं। सरकार ने वादा किया था, लेकिन अब मुकर रही है। हम खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।”
शिक्षकों का कहना है कि बार-बार ज्ञापन और अनुरोध देने के बावजूद अगर सरकार की ओर से कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
करीब दो घंटे तक प्रभावित रहा आवागमन
विधानसभा घेराव के लिए निकले शिक्षकों को पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कूटे मैदान से विधानसभा की ओर जाने वाली सड़क पर करीब दो घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने शिक्षकों से बातचीत की। अधिकारियों द्वारा मांग पत्र लिए जाने और आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारी वापस लौटे।
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संघ ने सरकार को 15 दिनों का समय दिया है। संघ के नेताओं ने कहा कि अगर इस अवधि के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम में बसंत कुमार, लातेहार जिलाध्यक्ष आशीष नाथ शाहदेव, हजारीबाग जिलाध्यक्ष अरुण कुमार, उमेश कुमार, आदिवासी अध्यापक संघ धनबाद के मोतीलाल टुडू, अभिराम मुर्मू, विनय उरांव, सम्बोधि यादव, लाल सुमन, योगेंद्र पासवान, सतीश कुमार सिंह, सुनैना कुमारी, सज्मन कुमारी, रमेश पाल, शकील खान, हारून खान, रुद्र प्रताप सिंह, ब्यास प्रसाद मेहता, नंदकिशोर यादव, सीमा कुमारी, नागेंद्र पासवान, मंजू कुमारी समेत कई लोग मौजूद रहे और संबोधित किया।
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