रांची: राजधानी रांची में पार्किंग शुल्क के नाम पर लोगों से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायतों को लेकर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। अब पार्किंग स्थलों पर तय दर से अधिक शुल्क लेने, गलत पर्ची काटने और अवैध वसूली करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, नगर निगम ने बकाया राशि जमा नहीं करने वाले पार्किंग ठेकेदारों को 10 दिनों का समय दिया है। तय समय में पैसे जमा नहीं करने पर उनका ठेका रद्द किया जा सकता है।
रांची नगर निगम की ओर से 13 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शहर में पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने और शुल्क वसूली में पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया गया है। निगम शहर के 54 पार्किंग स्थलों की व्यवस्था पर नजर रख रहा है, ताकि वाहन चालकों को पार्किंग के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बकाया भुगतान नहीं करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई
पार्किंग शुल्क की वसूली में गड़बड़ी और नगर निगम की बकाया राशि को लेकर अपर नगर आयुक्त संजय कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें बाजार शाखा के अधिकारियों और विभिन्न पार्किंग स्थलों के ठेकेदारों ने हिस्सा लिया।
बैठक में कांके रोड पर एजी ऑफिस और पेंटालून के सामने, जयपाल सिंह स्टेडियम के पास, विशाल मेगा मार्ट के निकट, रोशपा टावर, मधुकम और गैलेक्सिया मॉल स्थित पार्किंग स्थलों से जुड़े बकाया भुगतान का मामला सामने आया।
नगर निगम ने संबंधित ठेकेदारों को 10 दिनों के भीतर बकाया राशि जमा करने का निर्देश दिया है। अगर निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया जाता है, तो पार्किंग की बंदोबस्ती रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है।
रांची में पार्किंग की दरें क्या हैं?
पार्किंग शुल्क को लेकर लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि किस वाहन के लिए कितना पैसा देना है। नगर निगम की प्रेस विज्ञप्ति में निर्धारित दरों की जानकारी दी गई है।
- दो पहिया वाहन: 3 घंटे के लिए 10 रुपये।
- चार पहिया वाहन: 3 घंटे के लिए 30 रुपये।
- 10 मिनट तक पार्किंग: कोई शुल्क नहीं।
- शनिवार, रविवार और राष्ट्रीय अवकाश: निर्धारित पार्किंग दरों पर 50 प्रतिशत की छूट।
वाहन चालकों को पार्किंग शुल्क देने से पहले निर्धारित दर की जानकारी जरूर लेनी चाहिए। इससे अतिरिक्त पैसे वसूले जाने की स्थिति में गड़बड़ी को पहचानना आसान होगा।
तय दर से ज्यादा पैसे मांगे तो होगी कार्रवाई
नगर निगम ने साफ किया है कि पार्किंग शुल्क की निर्धारित दरों से अधिक वसूली किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गलत पर्ची जारी करने, अवैध रूप से पैसे लेने और पार्किंग स्थल पर नियमों के खिलाफ गतिविधियां चलाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।
इसके लिए अधिकारियों को पार्किंग स्थलों का नियमित निरीक्षण करने और शुल्क वसूली की निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। निगम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पार्किंग के नाम पर आम लोगों को परेशान न किया जाए और निर्धारित नियमों का पालन हो।
पार्किंग स्थलों पर लगेंगे सूचना बोर्ड
पार्किंग शुल्क को लेकर विवाद की स्थिति न बने, इसके लिए नगर निगम ने सभी पार्किंग स्थलों पर स्पष्ट और आसानी से पढ़े जाने वाले सूचना बोर्ड लगाने का निर्देश दिया है।
इन बोर्डों पर पार्किंग की निर्धारित दरें, ठेकेदार का नाम और संपर्क संबंधी जरूरी जानकारी दर्ज होनी चाहिए। इससे वाहन चालकों को पहले से पता रहेगा कि उन्हें कितना शुल्क देना है और संबंधित पार्किंग स्थल का जिम्मेदार कौन है।
बैठक के बाद अपर नगर आयुक्त ने मेन रोड स्थित डेली मार्केट टैक्सी स्टैंड, चर्च कॉम्प्लेक्स, रोशपा टावर और जयपाल सिंह स्टेडियम के बाहर संचालित पार्किंग स्थलों का औचक निरीक्षण भी किया। इस दौरान पार्किंग व्यवस्था, शुल्क वसूली, टिकट और पर्ची जारी करने की प्रक्रिया तथा नियमों के पालन की जांच की गई।
आम लोगों के लिए क्या मायने हैं ये निर्देश?
नगर निगम की इस कार्रवाई से रांची में पार्किंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है। निर्धारित शुल्क की जानकारी सार्वजनिक होने और नियमित जांच से वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, नियमों का असर तभी दिखाई देगा, जब पार्किंग स्थलों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और शिकायत मिलने पर समय पर कार्रवाई होगी। फिलहाल निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्किंग के नाम पर मनमानी वसूली और नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
रांची के वाहन चालकों के लिए जरूरी बात: पार्किंग की पर्ची जरूर लें और उस पर लिखे शुल्क की जांच करें। अगर निर्धारित दर से ज्यादा पैसे मांगे जाते हैं, तो पार्किंग स्थल का नाम और पर्ची जैसी जानकारी सुरक्षित रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर शिकायत की जा सके।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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