रांची: Raj Hospital मामले में CM के निर्देश के बाद जांच, अब Samford Hospital केस को लेकर भी उठ रहे सवाल
राजधानी रांची के मेन रोड स्थित Raj Hospital एक बार फिर गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में है। अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में कथित लापरवाही और लगभग 22 लाख रुपये का बिल लेने के बावजूद मरीज की मौत होने का आरोप लगाया गया है। सोशल मीडिया पर मामला तेजी से वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए रांची प्रशासन को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं इस कार्रवाई के बीच कुछ दिन पहले सामने आए कोकर स्थित Samford Hospital के विवादित मामले को लेकर भी लोगों के बीच सवाल उठने लगे हैं कि उस प्रकरण में अब तक कोई सरकारी जांच क्यों शुरू नहीं हुई।
क्या है राज हॉस्पिटल का पूरा मामला?
मृतक के परिजनों का आरोप है कि मरीज को केवल पैर में फ्रैक्चर होने के बाद इलाज के लिए राज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उनका दावा है कि भर्ती के बाद शुरुआती दो-तीन दिनों तक घाव की उचित ड्रेसिंग नहीं की गई, जिससे संक्रमण बढ़ता गया और बाद में मरीज की हालत गंभीर हो गई।
ये वीडियो नहीं हमारे देश की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर है. प्राइवेटाइजेशन का मंत्र जपने वालों को ये तस्वीर जरूर देखनी चाहिए.
वीडियो रांची के एक अस्पताल का है. बताया जा रहा कि पैर में फ्रैक्चर था. आरोप है कि अस्पताल वालों ने 2-3 दिन तक ड्रेसिंग नहीं की. इन्फेक्शन पूरे… pic.twitter.com/LCOFi0g9l9
— Rajat Pandey (@RajatpandeyJF) July 4, 2026
परिजनों के अनुसार, मरीज को आईसीयू में भर्ती किया गया और इलाज के दौरान करीब 22 लाख रुपये का बिल लिया गया। इसके बावजूद मरीज की जान नहीं बच सकी। परिवार का आरोप है कि यदि समय पर उचित इलाज मिलता तो मरीज की जान बचाई जा सकती थी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिए जांच के निर्देश
सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची उपायुक्त को निर्देश देते हुए पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में अस्पताल प्रबंधन या चिकित्सकों की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
.@DC_Ranchi तत्काल संज्ञान ले मामले की पूरी जांच करें। दोषी पाए जाने पर सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए सूचना दें। https://t.co/MdtZ1Vil9M
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) July 4, 2026
जिला प्रशासन ने गठित की जांच टीम
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रांची डीसी ने सिविल सर्जन को प्राथमिक जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही एक जिला स्तरीय विशेष जांच टीम गठित की गई है, जो अस्पताल के रिकॉर्ड, इलाज की प्रक्रिया और मेडिकल बिलों की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी।
Samford Hospital विवाद को लेकर भी उठ रहे सवाल
राज हॉस्पिटल मामले में सरकार की त्वरित कार्रवाई के बीच लोगों के बीच Samford Hospital से जुड़े विवाद को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
कुछ दिन पहले कोकर स्थित Samford Hospital में भर्ती एक मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया था कि अस्पताल प्रबंधन ने बिल बढ़ाने के उद्देश्य से मरीज को समय पर डिस्चार्ज नहीं किया और करीब 8 लाख रुपये का बिल बना दिया।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब अस्पताल परिसर में परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। परिजनों ने आरोप लगाया था कि उनके साथ मारपीट की गई तथा बाउंसरों द्वारा महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। उनका दावा था कि पूरी घटना अस्पताल के CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई है।
घटना के दो दिन बाद अस्पताल प्रबंधन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी आरोपों को निराधार बताया था। हालांकि उस दौरान मीडिया द्वारा पूछे गए कई सवालों पर अस्पताल प्रबंधन स्पष्ट जवाब देने से बचता नजर आया। इस पूरे मामले के वीडियो कई दिनों तक सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए जाते रहे।
लोगों की अपेक्षा: सभी मामलों में हो निष्पक्ष जांच
राज हॉस्पिटल मामले में सरकार द्वारा त्वरित जांच के आदेश दिए जाने के बाद अब कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि मरीजों से जुड़े गंभीर आरोपों वाले मामलों में निष्पक्ष जांच आवश्यक है, तो Samford Hospital प्रकरण में भी तथ्यों की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
हालांकि, Samford Hospital मामले में अब तक सरकार की ओर से किसी औपचारिक जांच की घोषणा या स्वास्थ्य विभाग का सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में दोनों मामलों को लेकर जनता के बीच समान और पारदर्शी कार्रवाई की मांग चर्चा का विषय बनी हुई है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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