Ranchi Railway Station: झारखंड के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर है। रांची रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया गया है। स्टेशन के नॉर्थ साइड मुख्य द्वार के पास लगभग 12 करोड़ रुपए की लागत से एक अत्याधुनिक ‘होल्डिंग एरिया’ (पैसेंजर लाउंज) विकसित किया जाएगा।
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इस नए लाउंज में एक साथ 2250 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी, जहाँ प्री-टिकटिंग से लेकर पोस्ट-टिकटिंग तक की वर्ल्ड क्लास सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।
- कुल बजट: ₹12 करोड़ की अनुमानित लागत
- क्षमता: एक साथ 2250 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था
- क्षेत्रफल: लगभग 1920 वर्ग मीटर में निर्माण
- काम शुरू होने की अवधि: अगस्त-सितंबर 2026 से निर्माण की संभावना
- साउथ गेट की समय सीमा: जून 2026 तक पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य
3 अलग-अलग जोन में बंटा होगा पैसेंजर लाउंज
रांची रेल मंडल के डीआरएम करुणानिधि सिंह और सीनियर डीसीएम श्रेया सिंह के अनुसार, स्टेशन पर रोजाना औसतन 60 हजार यात्री आते हैं। त्योहारों और परीक्षाओं के समय यह संख्या 80 हजार पार कर जाती है। इसी भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) के लिए पूरे लाउंज को तीन प्रमुख जोन में बांटा गया है:
1. प्री-टिकटिंग क्षेत्र (Pre-Ticketing Zone)
- यात्रियों के आराम के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था।
- आधुनिक शौचालय और शुद्ध पेयजल की सुविधा।
- ट्रेनों की आवाजाही की जानकारी के लिए रियल टाइम सूचना प्रदर्शन प्रणाली (Digital Display)।
2. टिकटिंग एरिया (Ticketing Zone)
- टिकट खरीदने के लिए 12 नए टिकट काउंटर बनाए जाएंगे।
- डिजिटल पेमेंट और त्वरित टिकट के लिए 4 ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (ATVM) लगेंगी।
- सुचारू संचालन के लिए कैश कलेक्शन रूम, इंचार्ज रूम और सर्वर रूम का निर्माण होगा।
3. पोस्ट-टिकटिंग क्षेत्र (Post-Ticketing Zone)
- सुरक्षा के मद्देनजर इस क्षेत्र में 2 आधुनिक लगेज स्कैनर लगाए जाएंगे।
- यात्रियों की कतार (Queue) को व्यवस्थित करने के लिए विशेष मैनेजमेंट।
- प्लेटफॉर्म तक आसानी से पहुंचने के लिए सीढ़ियों के साथ एस्केलेटर की सुविधा।
एयरपोर्ट जैसा दिखेगा रांची स्टेशन का ‘साउथ गेट’
रांची स्टेशन के आधुनिकीकरण के तहत साउथ गेट का लगभग 90% काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, जून 2026 तक इसे पूरी तरह से चालू कर दिया जाएगा।
साउथ साइड को बिल्कुल एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इसका मुख्य गेट पूरी तरह से सensor-based (सेंसर युक्त) होगा। इसके चालू होते ही प्लेटफॉर्म नंबर-6 भी पूरी तरह फंक्शनल हो जाएगा, जिसके बाद नॉर्थ गेट के पुनर्निर्माण का काम तेजी से शुरू किया जाएगा।
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24 घंटे सीसीटीवी की कड़ी निगरानी
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस पूरे होल्डिंग एरिया और पैसेंजर लाउंज को 24×7 सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की निगरानी में रखा जाएगा। पिछले 5 वर्षों में रांची स्टेशन पर यात्रियों की संख्या 25 हजार से बढ़कर 60 हजार हो चुकी है, जिसे देखते हुए इस स्टेशन को पूरी तरह से ‘फ्यूचर रेडी’ (भविष्य के अनुकूल) बनाया जा रहा है।









