Ranchi: झारखंड के टाना भगत समुदाय ने ‘टाना भगत विकास प्राधिकरण योजना’ के तहत मिलने वाले बजट में कटौती और लंबे समय से राज्य स्तरीय बैठक न होने पर गहरी नाराज़गी जताई है। इस संबंध में समुदाय के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
मांगें पूरी न होने पर समुदाय ने 27 मई 2026 से मुख्यमंत्री आवास के समक्ष अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरने पर बैठने का अल्टीमेटम दिया है।
टाना भगत विकास प्राधिकरण के बजट में 50% की कटौती का आरोप
मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, वर्ष 2016-17 में केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से टाना भगत विकास प्राधिकरण समिति का गठन किया गया था। इस समिति का मुख्य उद्देश्य समुदाय का सर्वांगीण विकास करना था। इसके लिए शुरुआत में प्रतिवर्ष 10 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया था।
समुदाय का आरोप है कि समय के साथ इस राशि को घटाकर केवल 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। बजट में की गई इस भारी कटौती के कारण टाना भगत समुदाय के विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
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“JMM सरकार बनने के बाद नहीं हुई एक भी राज्य स्तरीय बैठक”
टाना भगत समुदाय के नेताओं ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में जेएमएम (JMM) की सरकार बनने के बाद से मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्राधिकरण की कोई राज्य स्तरीय बैठक नहीं बुलाई गई है। जबकि इससे पहले नियमानुसार हर छह महीने में कम से कम दो बार यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाती थी, जिसमें समुदाय की समस्याओं और विकास योजनाओं की समीक्षा होती थी।
Ranchi: 27 मई 2026 से मुख्यमंत्री आवास के बाहर अनिश्चितकालीन धरना
समुदाय ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने जल्द ही राज्य स्तरीय बैठक नहीं बुलाई और उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की, तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके तहत गुमला, लोहरदगा, पलामू, खूंटी, सिमडेगा, रांची, चतरा और लातेहार जिले के टाना भगत समुदाय के लोग रांची कूच करेंगे और मुख्यमंत्री आवास के समक्ष अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना देंगे।
प्रशासनिक सतर्कता के लिए इस ज्ञापन की प्रतिलिपि रांची के उपायुक्त (DC), पुलिस अधीक्षक (SP) और अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को भी भेज दी गई है।








