अगर आप Instagram Creator, YouTuber, Facebook Video Creator या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्टिव हैं और आपके 25 हजार या उससे अधिक फॉलोअर्स हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है।
बिहार सरकार ने श्रावणी मेला 2026 और कांवड़ यात्रा को देश-दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से एक खास रील और वीडियो प्रतियोगिता शुरू की है। इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर आप अपनी क्रिएटिविटी दिखाने के साथ-साथ ₹3 लाख तक का नकद पुरस्कार भी जीत सकते हैं।
यह पहल सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल दुनिया में नई पहचान दिलाने की कोशिश है।
आखिर क्यों शुरू की गई यह प्रतियोगिता?
हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पर निकलते हैं। इस ऐतिहासिक और आस्था से जुड़े आयोजन को सोशल मीडिया के माध्यम से देश और विदेश तक पहुंचाने के लिए बिहार सरकार ने डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को इस अभियान से जोड़ा है।
सरकार चाहती है कि युवा अपनी नजर से श्रावणी मेले की संस्कृति, भक्ति, परंपराओं और पर्यटन स्थलों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करें।
कौन ले सकता है प्रतियोगिता में हिस्सा?
इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं।
- प्रतिभागी भारतीय नागरिक होना चाहिए।
- Instagram, YouTube, Facebook या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कम से कम 25,000 Followers होने चाहिए।
- वीडियो पूरी तरह प्रतिभागी द्वारा बनाया गया Original Content होना चाहिए।
- वीडियो का विषय केवल श्रावणी मेला और कांवड़ यात्रा होना चाहिए।
वीडियो बनाते समय इन नियमों का रखें विशेष ध्यान
प्रतियोगिता में भेजी जाने वाली रील या वीडियो की अवधि 30 सेकंड से 2 मिनट के बीच होनी चाहिए।
वीडियो HD Quality में होना जरूरी है।
वीडियो में निम्न विषय शामिल किए जा सकते हैं—
- श्रावणी मेला
- कांवड़ यात्रा
- बाबा बैद्यनाथ धाम
- श्रद्धालुओं की यात्रा
- धार्मिक परंपराएं
- स्थानीय संस्कृति
- बिहार के पर्यटन स्थल
सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि AI (Artificial Intelligence) से बनाए गए वीडियो स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
इसके अलावा किसी भी प्रकार का कॉपी किया गया, भ्रामक या आपत्तिजनक कंटेंट प्रतियोगिता से बाहर कर दिया जाएगा।
जीत सकते हैं ₹3 लाख तक का इनाम
इस प्रतियोगिता में सिर्फ पहचान ही नहीं, बल्कि आकर्षक नकद पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
| स्थान | पुरस्कार |
|---|---|
| प्रथम | ₹3,00,000 |
| द्वितीय | ₹2,00,000 |
| तृतीय | ₹1,00,000 |
| दो अन्य विजेता | ₹50,000-₹50,000 |
| पांच सांत्वना पुरस्कार | ₹25,000-₹25,000 + गिफ्ट्स |
आवेदन कैसे करें?
अगर आपका वीडियो सभी दिशा-निर्देशों का पालन करता है, तो उसे बिहार पर्यटन विभाग के निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन Google Form के माध्यम से पूरी की जाएगी।
इसलिए आवेदन करने से पहले सभी दिशा-निर्देश ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी है।
अंतिम तारीख कब है?
प्रतियोगिता में आवेदन करने की अंतिम तिथि 13 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।
इसके बाद भेजी गई किसी भी प्रविष्टि को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रतियोगिता के बाद होगी कड़ी जांच
बिहार पर्यटन विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रतियोगिता पूरी होने के बाद जमा किए गए वीडियो की लगभग 45 दिनों तक जांच और निगरानी की जाएगी।
इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि-
- वीडियो Original है।
- किसी प्रकार का Copyright उल्लंघन नहीं हुआ है।
- AI Generated Content का उपयोग नहीं किया गया है।
- सभी नियमों का पालन किया गया है।
जांच पूरी होने के बाद ही विजेताओं की घोषणा की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य क्या है?
आज सोशल मीडिया लाखों लोगों तक कुछ ही मिनटों में पहुंच सकता है।
इसी ताकत का इस्तेमाल करते हुए बिहार सरकार चाहती है कि श्रावणी मेला और कांवड़ यात्रा की भव्यता दुनिया के सामने नए अंदाज में पहुंचे।
यह प्रतियोगिता युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देने के साथ-साथ बिहार की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
अगर आप कंटेंट क्रिएटर हैं और धार्मिक, सांस्कृतिक या ट्रैवल कंटेंट बनाना पसंद करते हैं, तो यह प्रतियोगिता आपके लिए शानदार अवसर साबित हो सकती है। एक ओर आपको अपनी क्रिएटिविटी दिखाने का मंच मिलेगा, वहीं दूसरी ओर ₹3 लाख तक का नकद पुरस्कार जीतने का मौका भी।
ध्यान रखें कि आवेदन करने से पहले सभी नियमों को अच्छी तरह पढ़ें और केवल Original, HD और वास्तविक वीडियो ही अपलोड करें।

Akash Kumar Singh is an IT Executive & SEO Specialist at Khabar Mantra. A Full-Stack Developer, AI/ML Engineer, and EdTech Founder (Dilwado), he scales platforms serving 10K+ students, commands a 400K+ subscriber tech channel, and drives high-performance web growth.








