Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन का त्योहार सिर्फ एक धागा बांधने की रस्म नहीं है, बल्कि उन अनगिनत भावनाओं का नाम है जो एक बहन अपने भाई के लिए दिल में संजोकर रखती है। लेकिन कई बार पढ़ाई, नौकरी या दूसरे शहर में रहने की वजह से भाई-बहन इस खास दिन एक-दूसरे से दूर होते हैं। ऐसे में राखी डाक के जरिए ही अपने भाई तक पहुंचती है।
इसी एहसास को और खास बनाने के लिए भारतीय डाक विभाग ने इस बार एक अनोखी पहल की है। अब छात्राओं को राखी भेजने के लिए डाकघर जाने की जरूरत नहीं होगी। स्कूल में ही राखी बनेगी, वहीं उसकी स्पीड पोस्ट बुक होगी और वहीं से वह सीधे भाई के पते पर रवाना हो जाएगी।
Raksha Bandhan 2026 में स्कूल बनेगा राखी भेजने का केंद्र
कोडरमा में शुरू किए गए ‘राखी बनाओ और भेजो’ अभियान के तहत विभिन्न स्कूलों में प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। छात्राएं अपने हाथों से सुंदर और रचनात्मक राखियां तैयार करेंगी। इसके बाद डाक विभाग की टीम स्कूल पहुंचेगी और वहीं से सभी राखियों की स्पीड पोस्ट बुकिंग करेगी।
इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बच्चों और उनके अभिभावकों को डाकघर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक ही जगह पर राखी बनाना और उसे भेजना-दोनों काम आसानी से पूरे हो जाएंगे।
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सिर्फ राखी नहीं, रिश्तों की मिठास भी पहुंचेगी
झुमरी तिलैया डाक विभाग के मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव अमन कुमार कहते हैं कि रक्षाबंधन भाई-बहन के भरोसे, प्यार और अपनापन का त्योहार है। डाक विभाग चाहता है कि चाहे भाई देश के किसी भी कोने में क्यों न हो, बहन के हाथों से बनी राखी सही समय पर उसकी कलाई तक पहुंचे।
उनके मुताबिक, इस अभियान का मकसद केवल डाक सेवा देना नहीं है, बल्कि बच्चों को भारतीय संस्कृति, पारिवारिक रिश्तों और रचनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ना है।
अच्छी राखी बनाने वालों को मिलेगा सम्मान
इस प्रतियोगिता में केवल भाग लेना ही खास नहीं होगा, बल्कि अच्छा प्रदर्शन करने वालों को सम्मान भी मिलेगा।
- हर स्कूल से 10 बेहतरीन प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
- पूरे कोडरमा जिले से चुने गए 10 सबसे रचनात्मक बच्चों को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
इससे बच्चों को अपनी कला दिखाने का मौका मिलेगा और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
बारिश में भी सुरक्षित रहेगी राखी
रक्षाबंधन सावन के मौसम में आता है और इस दौरान अक्सर बारिश होती है। ऐसे में राखी खराब न हो, इसके लिए डाक विभाग ने वॉटरप्रूफ लिफाफों की व्यवस्था की है।
ये विशेष लिफाफे कोडरमा प्रमंडल के प्रधान डाकघर, सात उप डाकघरों और 77 शाखा डाकघरों में उपलब्ध रहेंगे, ताकि राखी बिना भीगे सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच सके।
जानिए कितना देना होगा शुल्क
इस विशेष सेवा के लिए कुल 70 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इसमें शामिल हैं-
- 10 वॉटरप्रूफ लिफाफे
- ₹55 स्पीड पोस्ट शुल्क
- ₹5 अन्य सेवा शुल्क
रक्षाबंधन के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रमुख डाकघरों में विशेष काउंटर भी बनाए जाएंगे। साथ ही समय पर बुकिंग और सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए अलग से टीम भी तैनात रहेगी।
रक्षाबंधन को और यादगार बनाने की पहल
आज के डिजिटल दौर में लोग वीडियो कॉल पर एक-दूसरे को शुभकामनाएं जरूर दे देते हैं, लेकिन अपने हाथों से बनाई गई राखी की बात ही कुछ और होती है। उस राखी में केवल रंग और धागे नहीं, बल्कि बहन का स्नेह, इंतजार और ढेर सारी दुआएं भी होती हैं।
भारतीय डाक विभाग की यह पहल उसी एहसास को जिंदा रखने की कोशिश है, ताकि दूरियां चाहे जितनी भी हों, भाई की कलाई तक बहन का प्यार समय पर पहुंच सके।









