रांची: शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk की गिरफ्तारी को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे व्यक्ति की गिरफ्तारी सरकार की दमनकारी सोच को दर्शाती है।
राकेश सिन्हा ने कहा कि सोनम वांगचुक छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे। उनका कहना था कि सरकार को उनकी बात सुनकर समाधान निकालना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई, जो पूरी तरह गलत संदेश देती है।
‘संवाद की जगह दमन की नीति अपना रही सरकार’
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक संवाद के बजाय विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में असहमति और शांतिपूर्ण विरोध नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन वर्तमान समय में सरकार आलोचनात्मक आवाजों के प्रति असहिष्णु रवैया अपना रही है।
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
राकेश सिन्हा ने कहा कि देश में लगातार पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था की खामियां और युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब देने के बजाय आंदोलन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वालों के खिलाफ पुलिस और सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस ने की यह मांग
झारखंड कांग्रेस ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए केंद्र सरकार से मांग की है कि वह आंदोलनों को बलपूर्वक दबाने की नीति छोड़कर जनता की आवाज का सम्मान करे। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए।









