Dhanbad: धनबाद में एक व्यवसायी के बंगले में करीब 19 वर्षों से निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत अनिल कुमार सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। घटना के बाद परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव उठाने से इनकार कर दिया और बंगले के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
सूचना मिलने पर पुलिस, श्रम विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। मृतक अनिल कुमार सिंह धनबाद के ठाकुर कुल्ही क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रहते थे, जबकि मूल रूप से बिहार के आरा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।
लंबे समय से कर रहे थे सेवा, देर से सूचना का आरोप
परिजनों के अनुसार वे करीब 19–20 वर्षों से व्यवसायी जितेंद्र कुमार अग्रवाल के बंगले में निजी गार्ड के रूप में कार्यरत थे और अधिकतर समय वहीं ड्यूटी पर रहते थे। बीती रात बंगले में ही उनकी मौत हो गई, जिसकी सूचना देर से दिए जाने का आरोप भी परिजनों द्वारा लगाया जा रहा है।
मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन
परिजनों का कहना है कि कार्य के दौरान मौत होने के बावजूद अब तक किसी प्रकार के मुआवजे की घोषणा नहीं की गई है, जिससे परिवार में आक्रोश है। इसी मांग को लेकर उन्होंने शव उठाने से इनकार कर दिया और न्याय की मांग पर अड़े रहे।
कमलेश सिंह, परिजन ने बताया कि हमें समय पर सूचना नहीं दी गई और न ही मुआवजे की कोई बात की जा रही है। जब तक न्याय और मुआवजा नहीं मिलेगा, हम शव नहीं उठने देंगे।
धनबाद थाना प्रभारी मनोज पांडेय ने बताया कि मौत के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है और रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होंगे।
वहीं श्रम निरीक्षक ऋषि कुमार प्रजापति ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। फिलहाल प्रशासन दोनों पक्षों के बीच वार्ता कर समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है।

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