National News: आज संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 9वीं बार Union Budget पेश कर रही है, ऐसा पहली बार हुआ है कि, रविवार को बजट पेश किया जा रहा है। वहीं, बजट पेश करने से पहले वह राष्ट्रपति भवन पहुंची। जहां उन्होनें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उनको बजट के बारे में बताया। इसके बाद राष्ट्रपति ने उनको दही- चीनी खिलाकर शुभकामनाएं दी। फिलहाल, वित्त मंत्री का भाषण शुरु हो गया है।
रेयर अर्थ मिनरल के लिए बनेगा विशेष कॉरिडोर, सरकार की बड़ी पहल
केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के लिए एक अहम रणनीतिक घोषणा की है। उन्होंने कहा कि भारत में रेयर अर्थ मिनरल के लिए विशेष कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य देश को इस अहम संसाधन के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और चीन पर निर्भरता को कम करना है।
वित्त मंत्री ने बताया कि ग्लोबल सप्लाई चेन में आ रही कमजोरियों से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश, केरल, ओडिशा और तमिलनाडु में रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर तैयार किए जाएंगे। यह कदम भारत की औद्योगिक और तकनीकी जरूरतों को सुरक्षित करने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।
Union Budget 2026: लॉन्च होगा इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0
बजट भाषण के दौरान निर्मला सीतारमण ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 लॉन्च करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर मिशन 1.0 ने भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर को मजबूत आधार दिया है।
अब ISM 2.0 के जरिए उपकरण और मटीरियल निर्माण, फुल-स्टैक इंडियन IP डिजाइन और सप्लाई चेन को और सशक्त किया जाएगा। इसका मकसद भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित करना है।
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का बजट बढ़कर 40,000 करोड़
वित्त मंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत खर्च को बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2025 में 22,919 करोड़ रुपये के साथ शुरू की गई इस योजना को निवेशकों से उम्मीद से दोगुनी प्रतिबद्धता मिली है।
इसके अलावा, टेक्नोलॉजी और स्किल्ड वर्कफोर्स के विकास के लिए उद्योग आधारित रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सेक्टर पर सरकार का फोकस बरकरार
हाल के वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और सूचना प्रौद्योगिकी भारत की अर्थव्यवस्था के प्रमुख स्तंभ बनकर उभरे हैं। बजट 2026-27 में भी इस सेक्टर के लिए सरकारी खर्च की स्पष्ट रूपरेखा पेश की गई है।
वित्त वर्ष 2026 के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) को 26,026.25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो FY25 के 17,566.31 करोड़ रुपये से काफी अधिक है। IndiaAI मिशन और साइबर सिक्योरिटी परियोजनाओं के लिए भी बजट बढ़ाया गया है।
Union Budget 2026: वित्त मंत्री ने बताए सरकार के ‘तीन कर्तव्य’
बजट भाषण की शुरुआत में वित्त मंत्री ने सरकार के “तीन कर्तव्यों” का उल्लेख करते हुए विकसित भारत का रोडमैप पेश किया। उन्होंने कहा कि यह पहला बजट है जो कर्तव्य भवन में तैयार किया गया है।
पहला कर्तव्य: आर्थिक वृद्धि को तेज करना
सरकार का लक्ष्य उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर आर्थिक विकास को मजबूत करना है, ताकि भारत वैश्विक स्तर पर मजबूती से खड़ा रह सके।
दूसरा कर्तव्य: जनता को सशक्त बनाना
शिक्षा, कौशल विकास और अवसरों के जरिए नागरिकों को सक्षम बनाना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि वे देश की प्रगति में सक्रिय भागीदार बन सकें।
तीसरा कर्तव्य: सबका साथ, सबका विकास
सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि विकास का लाभ हर वर्ग, हर क्षेत्र और हर समुदाय तक समान रूप से पहुंचे।
Budget 2026: ₹10,000 करोड़ के ‘बायोफार्मा शक्ति’ मिशन से बदलेगा भारत का हेल्थकेयर सेक्टर
केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वास्थ्य और दवा क्षेत्र के लिए एक बड़ी और दूरगामी पहल की घोषणा की है। सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए ₹10,000 करोड़ के परिव्यय के साथ ‘बायोफार्मा शक्ति’ (Biopharma Shakti) मिशन शुरू करने का ऐलान किया है। इसका उद्देश्य भारत को बायोफार्मास्यूटिकल्स के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
कैंसर और डायबिटीज के इलाज में मिलेगी राहत
देश में कैंसर, डायबिटीज और ऑटोइम्यून जैसी गैर-संचारी बीमारियों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। बायोफार्मा शक्ति मिशन के तहत सरकार बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर दवाओं के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देगी। इससे महंगी आयातित दवाओं पर निर्भरता घटेगी और गंभीर बीमारियों का इलाज आम मरीजों के लिए ज्यादा सस्ता और सुलभ हो सकेगा।
रिसर्च और शिक्षा को मिलेगी मजबूती
मिशन को मजबूती देने के लिए सरकार तीन नए राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER) स्थापित करेगी। इसके अलावा देश में मौजूद सात NIPER संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। इसका लक्ष्य फार्मा सेक्टर के लिए उच्च स्तरीय वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विशेषज्ञ तैयार करना है।
1,000 नए क्लीनिकल ट्रायल साइट्स का नेटवर्क
नई दवाओं के विकास को तेज करने के लिए देशभर में 1,000 मान्यता प्राप्त क्लीनिकल ट्रायल साइट्स विकसित की जाएंगी। इससे भारत में ही अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार दवाओं का परीक्षण संभव होगा और भारत वैश्विक फार्मा कंपनियों के लिए एक आकर्षक रिसर्च हब बन सकेगा।
फार्मा सेक्टर में बढ़ा उत्साह
सरकार की इस घोषणा के बाद शेयर बाजार में फार्मा कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। Biocon, Sun Pharma और Piramal Pharma जैसी प्रमुख कंपनियों ने इस पहल का स्वागत किया है। माना जा रहा है कि इससे फार्मा सेक्टर में रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) को नया प्रोत्साहन मिलेगा और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।













