Jamtara: जामताड़ा पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अपनी लगातार जारी मुहिम में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना पुलिस की टीम ने कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के ग्राम तेतुलबंधा स्थित एक सुनसान पलाश एवं पुटुस की झाड़ीनुमा मैदान में छापेमारी की। वहां बैठकर देश के विभिन्न राज्यों के लोगों से साइबर ठगी कर रहे तीन शातिर अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे कई मोबाइल और फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं।
इस बड़ी सफलता को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए अपराधियों का नेटवर्क बेहद शातिर तरीके से काम कर रहा था।
इस मौके पर साइबर डीएसपी अमित रविदास और साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल भी मुख्य रूप से मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह के तार देश के कई बड़े राज्यों से जुड़े हुए हैं और इनसे पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।
गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर डालकर जाल में फंसाते थे- एसपी
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों की पहचान कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के ग्राम धरूआडीह निवासी महेन्द्र कुमार मंडल, टिकु कुमार मंडल और विकास कुमार मंडल के रूप में हुई है।
पूछताछ में अपराधियों ने अपनी अनूठी अपराध शैली (मोडस ऑपेरंडी) का खुलासा किया है। ये अपराधी बैंक ऑफ बड़ौदा के क्रेडिट कार्ड धारकों को निशाना बनाते थे। वे लोगों को क्रेडिट कार्ड बंद होने और नया कार्ड एक्टिवेट कराने का झांसा देते थे। इसके लिए वे गूगल ऐप पर विभिन्न कंपनियों और बैंकों के नाम पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर डाल देते थे।
जब कोई पीड़ित उस नंबर पर संपर्क करता, तो ये उन्हें झांसे में लेकर एक संदिग्ध एपीके (APK) फाइल डाउनलोड करवा देते थे। इसके माध्यम से क्रेडिट कार्ड की गोपनीय जानकारी हासिल कर खातों से रकम उड़ा लेते थे।

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