Dhanbad: रात का वक्त था और गांव में जंगली हाथियों का झुंड पहुंच चुका था। घर के पास लगी मकई की फसल को हाथी नुकसान पहुंचा रहे थे। फसल बचाने के लिए गुलियाडीह गांव के सहायक शिक्षक गिरजा मुर्मू हाथियों को भगाने की कोशिश करने लगे। उन्होंने टायर जलाकर शोर मचाया, जिसके बाद हाथियों का झुंड कुछ पीछे हटता नजर आया।
गिरजा मुर्मू को लगा कि हाथी वहां से चले गए हैं। लेकिन झुंड के कुछ हाथी आसपास ही मौजूद थे। जैसे ही वह आगे बढ़े, एक हाथी ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हाथियों ने उन्हें कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गुलियाडीह गांव में मातम पसरा है।
पिछले कई दिनों से इलाके में घूम रहा था हाथियों का झुंड
ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले दो-तीन दिनों से जंगली हाथियों का एक बड़ा झुंड टुंडी प्रखंड के आसपास के इलाकों में घूम रहा था। बताया जा रहा है कि बराकर नदी में पानी अधिक होने के कारण हाथियों का झुंड आगे नहीं बढ़ पा रहा था। सोमवार रात हाथियों ने गुलियाडीह गांव का रुख कर लिया।
झुंड गिरजा मुर्मू और उनके भाई के घर के परिसर तक पहुंच गया और वहां लगी मकई की फसल को नुकसान पहुंचाने लगा। फसल बचाने के लिए गिरजा मुर्मू हाथियों को भगाने निकले थे।
पीछे हटे हाथी, लेकिन खतरा टला नहीं था
ग्रामीणों के अनुसार, गिरजा मुर्मू ने हाथियों को डराने के लिए टायर जलाकर शोर किया। कुछ देर बाद हाथी पीछे हटते दिखाई दिए। इसके बाद उन्हें लगा कि झुंड गांव से बाहर निकल गया है।
हालांकि, कुछ हाथी आसपास ही मौजूद थे। इसी दौरान गिरजा मुर्मू जैसे ही आगे बढ़े, एक हाथी ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और हाथियों ने उन्हें कुचल दिया।
वन विभाग की टीम को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी
घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद देर रात तक वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई।
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के झुंड को गांव और आसपास के इलाकों से दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। साथ ही मृतक शिक्षक के परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग की गई है।
गिरजा मुर्मू की मौत ने एक बार फिर टुंडी क्षेत्र में इंसान और हाथियों के बीच बढ़ते संघर्ष की चिंता सामने ला दी है। जिस फसल को बचाने के लिए वह घर से निकले थे, वही कोशिश उनकी जान पर भारी पड़ गई।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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