Dhanbad: ईसीएल के चापापुर ओसीपी में शनिवार देर रात सीआईएसएफ और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प से इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क से गुजर रही एक महिला को सीआईएसएफ जवानों ने कोयला चोरी के संदेह में रोककर बेरहमी से पिटाई कर दी। महिला की पिटाई की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया।
आक्रोशित ग्रामीणों ने सीआईएसएफ के वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी और जवानों के साथ मारपीट की। ग्रामीणों का आरोप है कि कई जवानों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। स्थिति बिगड़ने पर सीआईएसएफ जवानों द्वारा हवाई फायरिंग किए जाने की बात भी सामने आई, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हवाई फायरिंग के बावजूद ग्रामीण पीछे हटने के बजाय और उग्र हो गए तथा जवानों को घेर लिया।
देर रात तक सैकड़ों ग्रामीण घटनास्थल पर डटे रहे। ग्रामीण घायल महिला के समुचित इलाज और मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना रहा।
कोयला चोरों पर कार्रवाई के बजाय ग्रामीणों को निशाना बनाने का आरोप
ग्रामीणों ने सीआईएसएफ की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चापापुर ओसीपी के आसपास रात के अंधेरे में बाइक से खुलेआम कोयला चोरी का खेल चल रहा है, लेकिन उसे रोकने में सुरक्षा बल पूरी तरह नाकाम हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव प्रोजेक्ट के आसपास स्थित है और रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण इसी सड़क से आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क से गुजरने वाले किसी भी ग्रामीण को महज संदेह के आधार पर कोयला चोर बताकर पीटना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
माइंस और कोयला तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने कहा कि यदि कोयला चोरी हो रही है तो सीआईएसएफ को माइंस और कोयला तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई करनी चाहिए, न कि सड़क पर आने-जाने वाले निर्दोष ग्रामीणों को निशाना बनाना चाहिए।
जेएमएम नेता प्रशांत हेंब्रम ने घटना की निंदा करते हुए घायल महिला के इलाज, मुआवजे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

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