Jharkhand: हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (HEC), हटिया, रांची के भविष्य को लेकर गंभीर संकट के बीच आज कर्मचारियों और ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यसभा सांसद एवं संसद की औद्योगिक मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष तिरुचि सिवा से उनके दिल्ली स्थित आवास पर मिला। प्रतिनिधिमंडल ने HEC के शीघ्र पुनरुद्धार की मांग करते हुए उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में HEC की बिगड़ती वित्तीय स्थिति, बंद पड़ी बैंक गारंटी सुविधा और पिछले 25 महीनों से लंबित वेतन भुगतान जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। ट्रेड यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह सार्वजनिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी पूरी तरह बंद हो सकती है।
प्रमुख मांगें:
- HEC के लिए तत्काल पुनरुद्धार पैकेज की घोषणा की जाए।
- वर्ष 2017 से बंद पड़ी बैंक गारंटी सुविधा बहाल की जाए ताकि कंपनी को नई परियोजनाएं मिल सकें।
- अगर स्वतंत्र पुनरुद्धार संभव नहीं है, तो HEC का विलय BHEL या अन्य उपयुक्त सार्वजनिक उपक्रम से किया जाए।
- 25 महीनों से लंबित वेतन का तत्काल भुगतान किया जाए ताकि कर्मचारियों और उनके परिवारों को राहत मिल सके।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे – HEC वर्कर्स यूनियन के महासचिव प्रकाश कुमार, वर्कर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शनि सिंह, हटिया मजदूर लोक मंच के सचिव बिमल महली और जनता मजदूर यूनियन के महासचिव एस.जे. मुखर्जी।
तिरुचि सिवा का आश्वासन:
तिरुचि सिवा ने ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि वह इस गंभीर मुद्दे को सरकार के समक्ष उठाएंगे और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संबंधित मंत्रालयों तथा बैंकों से बातचीत करेंगे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि “HEC को किसी भी सूरत में डूबने नहीं दिया जाएगा।” साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से संवाद कर HEC के पुनरुद्धार के लिए हर संभव प्रयास करने का वादा किया।
नेताओं का संयुक्त बयान:
मुलाकात के बाद ट्रेड यूनियन नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि अब समय आ गया है जब केंद्र सरकार decisive यानी निर्णायक भूमिका निभाए। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे HEC को पुनर्जीवित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।












