Bihar News: बिहार विधानमंडल का मॉनसून सत्र 2025 आज से शुरू हो गया है और यह 25 जुलाई तक चलेगा. सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विधानसभा पहुंचे. उनके साथ संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी समेत अन्य प्रमुख नेता भी मौजूद रहे. सत्र की शुरुआत से पहले ही राजधानी में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.
सत्र में 12 महत्वपूर्ण विधेयक होंगे पेश
सरकार इस सत्र में 12 अहम विधेयकों को सदन में लाने जा रही है, जिनमें 4 नए विधेयक और 8 संशोधन विधेयक शामिल हैं.
- पहले दिन विधानसभा और विधान परिषद में अनुपूरक बजट पेश होगा.
- 22 और 23 जुलाई को विभिन्न विभागों से जुड़े विधेयकों पर चर्चा होगी.
मुख्य विधेयक: जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय
सत्र में सबसे अहम विधेयक ‘जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय विधेयक 2025’ माना जा रहा है. इसके जरिए राज्य में पहला कौशल विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा, जो 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने की नीतीश सरकार की योजना को मजबूती देगा.
गीग कामगारों और छोटे दुकानों के कर्मचारियों के लिए नया कानून
सरकार स्वीगी, जोमैटो जैसे प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले गीग कामगारों और छोटे दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों की सेवा शर्तों को सुरक्षित करने के लिए विशेष कानून लाने की तैयारी में है.
भूमि विवाद और नगर निकायों से जुड़े संशोधन विधेयक
सत्र में भूमि सुधार विभाग से संबंधित तीन अहम संशोधन विधेयक भी पेश किए जाएंगे.
- प्रमंडल स्तर पर अपीलीय प्राधिकरण की स्थापना
- शहरी क्षेत्रों में विशेष भूमि सर्वेक्षण
- कृषि भूमि के अन्य उपयोग के नियमों में बदलाव
नगर निकायों के अधिकारों में की गई पूर्व कटौती को लेकर उठे विरोध को शांत करने के लिए सरकार चार धाराओं में संशोधन विधेयक लाकर नगर निकायों के अधिकार बहाल करने की योजना बना रही है.
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सत्र के पहले दिन ही विधानसभा में जोरदार हंगामा, मंगलवार तक के लिए सदन स्थगित
बिहार विधानसभा का मॉनसून सत्र पहले दिन ही भारी हंगामे के साथ शुरू हुआ. सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व में विपक्षी दलों के विधायकों ने जोरदार नारेबाजी की और सदन में काली पट्टी बांधकर पहुंचे.
विपक्ष ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का विरोध करते हुए सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया. जैसे ही सत्र की कार्यवाही आरंभ हुई, विपक्षी विधायक अपनी सीटों से उठकर वेल में आ गए और सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे.
विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने सदस्यों से बार-बार शांति बनाए रखने और अपनी सीटों पर बैठने की अपील की, लेकिन हंगामा थमता नहीं दिखा. तय प्रक्रिया के अनुसार सदन में शोक प्रस्ताव रखा गया, जिसके बाद कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया.
क्या रहेगा खास आने वाले दिनों में?
राजनीतिक रूप से यह सत्र काफी अहम माना जा रहा है. एक तरफ विपक्ष सरकार को घेरेगा, तो दूसरी ओर नीतीश सरकार अपनी योजनाओं और विधेयकों के ज़रिए अपनी नीति और नीयत को मजबूत तरीके से पेश करेगी.
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