Jharkhand News: राजधानी रांची में सर्दी और कड़ाके की ठंड का कहर दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। ठंड के कारण झारखंड में अबतक करीब दर्जनभर लोगों की मौत हो चुकी है। न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से आम जनजीवन के साथ-साथ सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ा है, जिनका ठिकाना सड़कें और फुटपाथ हैं। ऐसी परिस्थितियों में रांची नगर निगम की ओर से शुरू की गई एक मानवीय पहल ने बेघर और असहाय लोगों को ठंड से राहत दी है।
Jharkhand News: पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग वार्ड बनाए गए हैं
नगर निगम ने फिरायालाल चौक स्थित एक भवन को निशुल्क आश्रय गृह के रूप में तैयार किया है, जहां जरूरतमंद लोग सुरक्षित रूप से रात गुजार सकते हैं। यहां पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग वार्ड बनाए गए हैं, ताकि सभी को सम्मानजनक और सुरक्षित माहौल मिल सके। पुरुषों के लिए 30 और महिलाओं के लिए 20 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है।
आश्रय गृह में ठंड से बचाव के लिए कंबल, रजाई और हीटर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा पीने के लिए गर्म और सामान्य पानी, मोबाइल चार्जिंग की सुविधा, शौचालय और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था भी की गई है। यह सुनिश्चित किया गया है कि यहां ठहरने वाले लोगों को केवल छत ही नहीं, बल्कि गरिमा के साथ जीवन बिताने का अहसास मिले।
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Jharkhand News: गश्ती टीम जरुरतमंदो को पहुंचा रही आश्रयगृह तक
आश्रय गृह के प्रभारी शेखर गुप्ता बताते हैं कि हर रात लगभग 30 लोग यहां आकर सुरक्षित ठहरते हैं। नगर निगम की विशेष टीम सर्द रातों में शहर के प्रमुख इलाकों में गश्त करती है और खुले में सोने को मजबूर लोगों को समझा-बुझाकर आश्रय गृह तक लाती है। लगभग दो किलोमीटर के दायरे में जरूरतमंदों की पहचान कर उन्हें यहां पहुंचाया जाता है।
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आश्रय गृह में रह रहे कई बुजुर्गों के चेहरे पर अब राहत साफ दिखाई देती है। एक बुजुर्ग ने बताया कि पहले सड़क किनारे सोने के दौरान चोरी और अपमान का डर बना रहता था, लेकिन यहां उन्हें सुरक्षा के साथ सम्मान भी मिल रहा है। गर्म बिस्तर और सुरक्षित माहौल ने उनके लिए सर्द रातों को आसान बना दिया है।
नगर निगम की यह पहल न केवल ठंड से बचाव का साधन बनी है, बल्कि यह शहर की संवेदनशील सोच और सामाजिक जिम्मेदारी का भी उदाहरण पेश करती है। कड़ाके ही ठंड के बीच नगर निगम की इस पहल का लोग तारीफ कर रहे हैं।

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