Magh Mela 2026: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद में क्या उत्तर प्रदेश प्रशासन माफी मांगेगा? बता दें, शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी ने दावा किया है कि, उत्तर प्रदेश प्रशासन शंकराचार्य से माफी मांगने को तैयार है। उन्होनें बताया कि, प्रयागराज प्रशासन को यह उम्मीद नहीं थी कि, ‘शंकराचार्य अचानक माघ मेला छोड़कर वाराणसी चले जाएंगे। उनका मानना था कि, वें शंकराचार्य को माघ पूर्णिमा यानी एक फरवरी के स्नान के बाद मना लेंगे।
शंकराचार्य के वाराणसी लौटने के बाद प्रयागराज के दो वरिष्ठ अधिकारी 28 जनवरी को उन्हें संपर्क किया था और माघ पूर्णिमा पर सम्मान के साथ संगम स्नान कराने की प्रस्ताव भी रखा। जिसको लेकर शंकराचार्य ने समक्ष दो स्पष्ट शर्तें रखीं।
- पहला- पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारी लिखित रुप से माफी मांगे
- दूसरा- चारों शंकराचार्यों के लिए स्नान का प्रोटोकॉल समान रूप से लागू किया जाए
शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी योगीराज की माने तो, अधिकारी जल्द ही वाराणसी पहुंचकर शंकराचार्य को प्रयागराज ले जाएंगे। और उनको संगम में माघी पूर्णिमा के दिन स्नान कराया जाएगा। उन्होनें आगे बताया कि कंप्यूटर बाबा भी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में है। मौनी अमावस्या के दिन ही प्रशासन और शंकराचार्य के शिष्यों के बीच टकराव हुआ था।













