Dhanbad Deputy Mayor Election: कोयलांचल की सरकार का मेयर तो चुन लिया गया है, लेकिन अब सबकी नजर डिप्टी मेयर की कुर्सी पर टिक गई है। इस पद को लेकर नगर निगम की राजनीति गरमा गई है और दावेदारों के बीच समर्थन जुटाने की कवायद तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जो उम्मीदवार ज्यादा से ज्यादा निर्वाचित पार्षदों को अपने पक्ष में करने में सफल होगा, वही डिप्टी मेयर की कुर्सी तक पहुंच पाएगा।
Dhanbad Deputy Mayor Election:18 मार्च को शपथ ग्रहण और चुनावी रण
नगर निगम की नई सरकार के गठन की प्रक्रिया 18 मार्च से शुरू होगी। इसी दिन समाहरणालय में नवनिर्वाचित मेयर के साथ नगर निगम के सभी 55 वार्डों के पार्षद शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण के बाद ही डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव कराया जाएगा। इसके साथ ही निगम बोर्ड का गठन और पहली बैठक भी आयोजित की जाएगी।
डिप्टी मेयर पद को लेकर फिलहाल सियासी हलचल तेज है। इस पद के दावेदार निर्वाचित पार्षदों को अपने खेमे में लाने के लिए लगातार संपर्क साध रहे हैं। कई संभावित उम्मीदवार जातीय समीकरण, व्यक्तिगत संबंध, राजनीतिक प्रभाव के साथ-साथ अन्य रणनीतियों के जरिए समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं। बताया जा रहा है कि कई पार्षदों के बीच लगातार बैठकों और बातचीत का दौर चल रहा है, ताकि चुनाव से पहले ही अपने पक्ष में माहौल बनाया जा सके।
दावेदारों की दौड़ और समीकरणों का खेल
जानकारों के अनुसार वार्ड संख्या 26 के पार्षद विकास रंजन उर्फ पप्पू सिंह, वार्ड 20 के अशोक पाल, वार्ड 25 के प्रिय रंजन, वार्ड 28 के मनोरंजन, वार्ड 22 की सुमन सिंह, वार्ड 07 के अरुण कुमार चौहान और वार्ड 06 की कल्पना महतो समेत कई अन्य नाम डिप्टी मेयर की दौड़ में बताए जा रहे हैं। इनमें से कुछ पार्षद ऐसे भी हैं जो लगातार तीसरी बार चुनाव जीतकर आए हैं और अपने अनुभव के आधार पर मजबूत दावेदारी जता रहे हैं।
नगर निगम के नियमों के अनुसार डिप्टी मेयर बनने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 55 में से कम से कम 28 पार्षदों का समर्थन हासिल करना अनिवार्य होगा। ऐसे में आने वाले दिनों में जोड़-तोड़ की राजनीति और भी तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
इधर, शहर की सरकार के गठन को लेकर निगम प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। नगर आयुक्त अपने विभागीय पदाधिकारियों के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं, ताकि नगर निगम से जुड़ी विकास योजनाओं को जल्द से जल्द गति दी जा सके। साथ ही कई अधूरी परियोजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा कराने की भी तैयारी की जा रही है।अब सबकी नजर 18 मार्च पर टिकी है, जब शपथ ग्रहण के बाद डिप्टी मेयर पद के लिए होने वाला चुनाव कोयलांचल की राजनीति की दिशा तय करेगा।












