Ranchi: हर विद्यार्थी का सपना होता है कि उसे ऐसे संस्थान में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिले, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ वैश्विक एक्सपोज़र और अत्याधुनिक तकनीकों का अनुभव भी मिले। आज के डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित दौर में एआई केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य के करियर और रोजगार की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। ऐसे समय में उत्तर प्रदेश के उन्नाव में 2,500 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित देश की पहली एआई ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी, झारखंड और पूर्वी भारत के लाखों युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है। यह बात चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी के प्रो-वाइस चांसलर प्रो. डॉ. टी.पी. सिंह ने रांची में आयोजित विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि झारखंड प्रतिभाशाली और मेहनती युवाओं की भूमि है। यहां के छात्र शिक्षा, तकनीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन विश्वस्तरीय तकनीकी संसाधनों और उद्योग-आधारित शिक्षा के अभाव में उन्हें अक्सर महानगरों की ओर रुख करना पड़ता है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी इस अंतर को समाप्त कर रही है और छात्रों को उनके क्षेत्र के अपेक्षाकृत निकट विश्वस्तरीय शिक्षा उपलब्ध करा रही है।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी का उद्देश्य भारत को वैश्विक एआई हब बनाना-प्रो. डॉ. टी.पी. सिंह
प्रो. डॉ. टी.पी. सिंह ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी का उद्देश्य भारत को वैश्विक एआई हब बनाने और युवाओं को हाईटेक, इंडस्ट्री-रेडी शिक्षा प्रदान करने का है। विश्वविद्यालय उद्योग और शिक्षा जगत के बीच की दूरी को कम करते हुए विद्यार्थियों को पहले दिन से ही व्यावहारिक कौशल और रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। झारखंड और पूर्वी भारत के छात्रों में सीखने और नवाचार की अद्भुत क्षमता है। एआई आधारित शिक्षण और वैश्विक इंडस्ट्री पार्टनरशिप के माध्यम से अब उन्हें विश्वस्तरीय शिक्षा, शोध और कौशल विकास का अवसर प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी अत्याधुनिक लैब, रिसर्च आधारित शिक्षा, इंटरनेशनल एक्सपोज़र, स्टार्टअप कल्चर और सशक्त प्लेसमेंट नेटवर्क के माध्यम से छात्रों को भविष्य के लिए तैयार कर रही है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य झारखंड के युवाओं को तकनीक, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना है।
सीयूसीईटी 2026: स्कॉलरशिप और ग्लोबल करियर का प्रवेश द्वार: इस अवसर पर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी ने रांची में अपने प्रवेश एवं स्कॉलरशिप पोर्टल सीयूसीईटी 2026 की औपचारिक शुरुआत की। यह केवल एक प्रवेश परीक्षा नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप, आधुनिक शिक्षा और वैश्विक करियर अवसरों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है।
जरूरतमंद छात्रों के लिए 50 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिप योजना
विश्वविद्यालय ने मेधावी एवं जरूरतमंद छात्रों के लिए 50 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिप योजना की घोषणा की है। प्रो. डॉ. टी.पी. सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय ने अपने पहले ही शैक्षणिक सत्र में 2,000 से अधिक विद्यार्थियों को करोड़ों रुपये की स्कॉलरशिप प्रदान की है। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, प्रतिभाशाली और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा से जोड़ना है, ताकि कोई भी विद्यार्थी आर्थिक कारणों से अपने सपनों से वंचित न रहे।
इंडस्ट्री कोलैबोरेशन से रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा: प्रो. डॉ. टी.पी. सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी ने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, आईबीएम सहित 23 से अधिक अग्रणी कंपनियों के साथ एमओयू किए हैं। इन सहयोगों के माध्यम से पाठ्यक्रमों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है, ताकि छात्र पढ़ाई के दौरान ही नई तकनीकों और व्यावहारिक अनुभव से जुड़ सकें।
कॉरपोरेट एडवाइजरी बोर्ड: शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत सेतु: विश्वविद्यालय का कॉरपोरेट एडवाइजरी बोर्ड, जिसमें 100 से अधिक कॉरपोरेट संस्थान जुड़े हैं, विद्यार्थियों को उद्योग संपर्क, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह मॉडल छात्रों को केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि पूर्ण रूप से इंडस्ट्री-रेडी प्रोफेशनल बनाने पर केंद्रित है।
68 एआई-एनहैंस्ड और इंडस्ट्री-अलाइनड प्रोग्राम्स शुरू
झारखंड के छात्रों के लिए विशेष अवसर: प्रो. डॉ. टी.पी. सिंह ने कहा कि झारखंड के छात्र अपनी प्रतिभा, अनुशासन और मेहनत के लिए पूरे देश में पहचाने जाते हैं। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी उन्हें उनके क्षेत्र के निकट एआई आधारित विश्वस्तरीय शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास का अवसर प्रदान कर रही है। इससे छात्रों को महानगरों की ओर पलायन किए बिना आधुनिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
68 एआई-एनहैंस्ड प्रोग्राम्स से फ्यूचर-रेडी शिक्षा: शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विश्वविद्यालय ने 68 एआई-एनहैंस्ड और इंडस्ट्री-अलाइनड प्रोग्राम्स शुरू किए हैं। इनमें अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और लेटरल एंट्री कोर्स शामिल हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम रिसर्च और एआई-एमएल जैसी भविष्य की तकनीकों में दक्ष बनाना है।
स्टार्टअप और इनोवेशन को मिलेगा नया प्रोत्साहन: चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी की ‘कैंपस टैंक’ और ‘सीयू एआई स्पेस’ जैसी पहलें छात्रों को स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता के लिए प्रेरित कर रही हैं। इन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से विद्यार्थियों को फंडिंग, इनक्यूबेशन और पेटेंट सपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि वे केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले युवा बन सकें।









