उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सार्वजनिक सड़कों पर नमाज़ अदा करने और यातायात बाधित करने के मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि राज्य में किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लखनऊ में आयोजित एक निजी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें आम लोगों के आवागमन के लिए होती हैं और धार्मिक गतिविधियों के नाम पर उन्हें बाधित नहीं किया जा सकता।
सीएम योगी ने कहा, “अगर किसी जगह पर नमाज़ियों की संख्या अधिक है तो लोग शिफ्ट में नमाज़ पढ़ें या तय धार्मिक स्थलों के भीतर ही इबादत करें, लेकिन सड़कों पर आकर ट्रैफिक रोकना स्वीकार्य नहीं है।”
‘संवाद से मानो, नहीं तो संघर्ष के लिए तैयार रहो’
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर सख्त संदेश देते हुए कहा कि सरकार पहले संवाद और समझाइश के जरिए व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश करती है। लेकिन यदि कोई नियमों का पालन नहीं करता, तो प्रशासन कड़ी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
उन्होंने कहा, “हमारा पहला प्रयास संवाद होता है। अगर लोग बातचीत से मान जाएंगे तो बहुत अच्छी बात है, लेकिन अगर कोई कानून हाथ में लेने की कोशिश करेगा तो सरकार उसके खिलाफ सख्त कदम उठाएगी। बरेली में कुछ लोगों ने सरकार की ताकत देखने की कोशिश की थी और उन्हें उसका परिणाम भी पता चल गया।”
नमाज पढ़नी है, आप शिफ्ट में पढ़िए…
प्यार से मानेंगे ठीक है, नहीं मानेंगे तो दूसरा तरीका अपनाएंगे… pic.twitter.com/zDoz6YiqTZ
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 18, 2026
‘कानून सबके लिए समान’
सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में कानून सभी नागरिकों के लिए समान है और किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि राज्य में शांति और व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर आपको सिस्टम का हिस्सा बनकर रहना है तो राज्य के नियमों और कानूनों का पालन करना होगा। कानून हर किसी के लिए सर्वोपरि है।”
सरकार का फोकस: ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था
मुख्यमंत्री के बयान को राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक आयोजनों और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर सरकार की सख्त नीति के तौर पर देखा जा रहा है। प्रशासन पहले भी कई बार सार्वजनिक सड़कों पर नमाज़ या अन्य आयोजनों को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर चुका है।









