Ranchi: झारखंड के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान बीआईटी मेसरा (BIT Mesra) में वर्षों से लागू 50 प्रतिशत होम स्टेट कोटा (Home State) को समाप्त किए जाने के फैसले पर विवाद गहरा गया है। अखिल झारखंड छात्र संघ (AJSU) ने इस निर्णय पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसका कड़ा विरोध किया है। आजसू का साफ कहना है कि यह कदम झारखंड के प्रतिभाशाली, ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
राज्य के संसाधनों पर पहला हक झारखंडी छात्रों का: ओम वर्मा
आजसू के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने इस निर्णय की आलोचना करते हुए कहा कि बीआईटी मेसरा झारखंड की धरती पर स्थापित एक गौरवशाली संस्थान है। इसके निर्माण और विकास में राज्य की भूमि, संसाधन और यहाँ की जनता का सबसे बड़ा योगदान रहा है। ऐसे में स्थानीय छात्रों को मिलने वाले अवसरों में कटौती करना किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि 50% कोटा रहने से ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवाओं को उच्च तकनीकी शिक्षा आसानी से मिल जाती थी। अब इसके हटने से उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
आजसू की मांग और बड़े आंदोलन की चेतावनी
आजसू ने इस मामले को लेकर सीधे तौर पर हेमंत सोरेन सरकार और संस्थान प्रबंधन को घेरा है। छात्र संगठन ने मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं:
-
बीआईटी मेसरा में झारखंड के छात्रों के लिए 50 प्रतिशत होम स्टेट कोटा तत्काल प्रभाव से दोबारा बहाल हो।
-
राज्य सरकार अविलंब संस्थान प्रबंधन से इस गंभीर विषय पर वार्ता करे और छात्रों के हितों की रक्षा करे।
-
किसी भी परिस्थिति में राज्य के विद्यार्थियों के आरक्षण और विशेष अवसरों को कमजोर न किया जाए।
ओम वर्मा ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार और प्रबंधन ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो आजसू पूरे राज्य में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। इसके तहत ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन, छात्र सम्मेलन और जरूरत पड़ने पर व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।









