Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) ने राज्य सरकार और आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शनिवार को रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में BJYM के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने आरोप लगाया कि जिस आयोग पर लाखों युवाओं के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी है, वही आज कथित रूप से भ्रष्टाचार, अपारदर्शिता और अनियमितताओं का केंद्र बन गया है। उन्होंने दावा किया कि JPSC अब रोजगार देने वाला आयोग नहीं, बल्कि “रोजगार का व्यापार” करने वाला संस्थान बन गया है।
परीक्षा परिणाम पर उठाए सवाल
शशांक राज ने हाल ही में जारी JPSC परीक्षा परिणाम का जिक्र करते हुए कहा कि आयोग के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर परिणाम में मौजूद नहीं थे। उनके अनुसार, जब तीन सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं थे, तो परिणाम किस नियम और अधिकार के तहत जारी किया गया, यह बड़ा सवाल है। उन्होंने मांग की कि आयोग इस मामले में सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करे।
RTI, कट-ऑफ और उत्तर पुस्तिका को लेकर भी आरोप
प्रेस वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना का अधिकार (RTI) के तहत अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन नहीं कराया जाता और न ही उत्तर पुस्तिकाओं की कॉपी सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही, आयोग कट-ऑफ अंक भी सार्वजनिक नहीं करता, जिससे चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा परिणाम देर रात जारी किए जाते हैं और आयोग वर्षों से नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी करने में विफल रहा है। इससे प्रतियोगी छात्रों में असमंजस और निराशा का माहौल बनता है।
20 से 22 जुलाई तक आंदोलन का ऐलान
BJYM ने JPSC के खिलाफ तीन दिवसीय आंदोलन की घोषणा की है।
- 20 जुलाई: पूरे प्रदेश में सोशल मीडिया अभियान।
- 21 जुलाई: सभी जिलों में मशाल जुलूस।
- 22 जुलाई: जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से JPSC कार्यालय तक मार्च और घेराव, साथ ही “JPSC सफाई अभियान”।
शशांक राज ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि कथित भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने युवाओं से बड़ी संख्या में इस अभियान से जुड़ने की अपील की।
आयु सीमा बढ़ाने की भी उठी मांग
BJYM ने झारखंड में सरकारी नौकरियों की अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने की मांग भी उठाई। शशांक राज ने कहा कि बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष तक है, जबकि झारखंड में कम आयु सीमा के कारण हजारों अभ्यर्थी अवसरों से वंचित हो रहे हैं।
अब नजर JPSC और सरकार के जवाब पर
BJYM द्वारा लगाए गए आरोपों पर फिलहाल JPSC या राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सभी की नजर आयोग और सरकार के संभावित जवाब पर टिकी है। यदि आरोपों पर स्पष्टीकरण आता है, तो इससे पूरे विवाद की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।









