Ranchi: विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शनिवार को देवघर परिसदन सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार ने की। बैठक में देवघर और दुमका के उपायुक्तों ने विभागवार तैयारियों, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक तकनीकों के उपयोग की जानकारी प्रस्तुति के माध्यम से दी।
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष श्रावणी मेला 30 जुलाई से 28 अगस्त तक आयोजित होगा। मंत्री ने निर्देश दिया कि 28 जुलाई तक मेला क्षेत्र में सभी तैयारियां हर हाल में पूरी कर ली जाएं, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित जलार्पण की सुविधा मिल सके।
आधुनिक तकनीक और बेहतर व्यवस्थाओं पर जोर
मंत्री ने स्पष्ट किया कि श्रावणी मेला के दौरान आउट ऑफ टर्न, VIP और VVIP दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह बंद रहेगी। उनका कहना था कि सभी श्रद्धालुओं को समान सुविधा मिले और किसी को भी दर्शन के दौरान असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी बताया कि 29 जुलाई को देवघर और दुमका में तैयारियों की दोबारा समीक्षा की जाएगी।
समीक्षा बैठक में बिजली, सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य, नगर निगम, पुलिस, पर्यटन, भवन निर्माण और जनसंपर्क विभाग सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मेला क्षेत्र में शौचालय, स्नानगृह, पेयजल, कूड़ेदान, साफ-सफाई, कचरा उठाव और प्रकाश व्यवस्था चौबीसों घंटे सुचारु रखी जाए।
श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए तीन स्थानों पर विकसित की जा रही टेंट सिटी की क्षमता और सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए गए। गर्मी और उमस को देखते हुए मिस्ट कूलिंग सिस्टम और इंद्र वर्षा (कूलिंग स्प्रे) की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। साथ ही देवघर और बासुकीनाथ के बीच आवागमन सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया।
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AI तकनीक से लैस होगा श्रावणी मेला 2026
इस बार श्रावणी मेला में आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जाएगा। इसके तहत AI आधारित इंटीग्रेटेड मेला कंट्रोल रूम, AI कैमरे, फेस रिकॉग्निशन सिस्टम, AI आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट, ड्रोन निगरानी, हाई क्वालिटी एएनपीआर कैमरे, हेड काउंटिंग सिस्टम, QR आधारित शिकायत एवं फीडबैक प्रणाली, लोकेशन आधारित अटेंडेंस सिस्टम और डिजिटल पवेलियन की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और शिकायतों के त्वरित समाधान में मदद मिलेगी।
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मंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों और कार्यपालक अभियंताओं को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने और आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का निर्देश दिया।
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बैठक में देवघर विधायक सुरेश पासवान, सारठ विधायक उदय शंकर सिंह, जरमुण्डी विधायक देवेंद्र कुँवर, विभिन्न विभागों के सचिव, संथाल परगना आयुक्त, दुमका प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक, देवघर एवं दुमका के पुलिस अधीक्षक, नगर निगम के अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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