Jharkhand News: महागामा में SIR समीक्षा बैठक पर BJP का ऐतराज, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से जांच और कार्रवाई की मांग
महागामा में SIR समीक्षा बैठक को लेकर भाजपा ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से शिकायत की है। पार्टी ने मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की।
रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गोड्डा जिले के महागामा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित SIR समीक्षा बैठक पर आपत्ति जताते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) से पूरे मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं SIR के प्रदेश संयोजक राकेश प्रसाद ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को भेजे गए पत्र में दावा किया है कि 26 जुलाई 2026 को महागामा विधानसभा के मेहरमा प्रखंड कार्यालय में SIR-2026 की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उनके अनुसार इस बैठक में स्थानीय विधायक एवं ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह मौजूद थीं।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी पर भाजपा ने उठाए सवाल
भाजपा का कहना है कि बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), पंचायत सचिव (SIR प्रभारी) सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए। पार्टी ने यह भी दावा किया कि बैठक की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से साझा की गई हैं।
राकेश प्रसाद ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) भारत निर्वाचन आयोग की एक संवेदनशील और निष्पक्ष प्रक्रिया है। ऐसे में किसी जनप्रतिनिधि की मौजूदगी में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ इसकी समीक्षा बैठक आयोजित होना उचित नहीं माना जा सकता।
“निष्पक्षता पर उठ सकते हैं सवाल”
भाजपा का आरोप है कि इस तरह की बैठक से निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं। पार्टी का कहना है कि इससे संबंधित अधिकारियों पर अनावश्यक प्रभाव या दबाव पड़ने की आशंका भी बन सकती है, जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया के लिए उचित नहीं है।
निर्वाचन आयोग से क्या मांग की गई?
भाजपा ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से अनुरोध किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
पार्टी ने यह भी कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुरूप होना चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता और मतदाताओं का भरोसा बना रहे।
हालांकि, इस मामले में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह या निर्वाचन आयोग की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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