Ranchi: रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऊर्जा विभाग के कार्यों और योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के हर नागरिक तक 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बिजली उत्पादन, संचरण और वितरण व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों के अनुरूप मजबूत बनाने पर जोर दिया।
ट्रांसफार्मर जलने पर 24 घंटे के भीतर नया लगाने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिजली कटौती और उपभोक्ताओं की शिकायतों के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर जलने पर 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए, ताकि लोगों को लंबे समय तक परेशानी का सामना न करना पड़े। ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में भी शहरी क्षेत्रों की तरह गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। बैठक में राज्य की ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के लिए जलविद्युत परियोजनाओं की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने हुंडरू, जोन्हा समेत विभिन्न जलप्रपातों और जलाशयों की क्षमता का वैज्ञानिक अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने सिकिदिरी जलविद्युत परियोजना के आधुनिकीकरण, आधुनिक उपकरणों के उपयोग और उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी ठोस पहल करने को कहा।रांची में तीन नए स्मार्ट ग्रिड स्थापित किए जाएंगे
राजधानी रांची में बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए कुसई कॉलोनी, बरियातू और इटकी में तीन नए स्मार्ट ग्रिड स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ कई नए विद्युत उपकेंद्रों का भी निर्माण प्रस्तावित है। अधिकारियों के अनुसार, स्मार्ट ग्रिड से बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता बेहतर होगी, लोड प्रबंधन आसान होगा और तकनीकी खराबियों का समाधान अधिक तेजी से किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने राज्य में 200 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी पात्र उपभोक्ताओं तक योजना का लाभ समय पर पहुंचे और शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए।फ्लोटिंग सोलर और रूफटॉप सोलर परियोजनाओं को गति देने पर सहमति
समीक्षा बैठक में फ्लोटिंग सोलर और रूफटॉप सोलर परियोजनाओं को गति देने पर भी सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने बंजर भूमि पर सोलर फार्मिंग को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने किसानों को सब्सिडी और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने तथा उत्पादित सौर ऊर्जा की खरीद के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की बात कही। ऊर्जा क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने और स्मार्ट मीटरिंग अभियान को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीकों के माध्यम से बिजली आपूर्ति, शिकायत निवारण और परियोजनाओं की निगरानी अधिक प्रभावी बनाई जा सकती है। बैठक में ट्रांसमिशन नेटवर्क को आधुनिक बनाने, मोनोपोल तकनीक अपनाने, ग्रिड परियोजनाओं में भूमि संबंधी बाधाओं को दूर करने और ऊर्जा विभाग के रिक्त पदों पर पहले चरण में 35 प्रतिशत नियुक्तियां जल्द पूरी करने के निर्देश भी दिए गए। अस्पतालों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, ड्यूल विद्युत लाइन की व्यवस्था और शिकायत निवारण तंत्र को अधिक जवाबदेह बनाने पर भी मुख्यमंत्री ने विशेष जोर दिया। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव के. श्रीनिवासन सहित विभाग और विभिन्न निगमों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारी डिजिटल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
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