Ranchi: राजधानी में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। धुर्वा थाना कांड संख्या 116/23 के NDPS मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी और पूर्व राष्ट्रीय पहलवान अमित श्योराण को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार वह हरियाणा के रोहतक जिले का रहने वाला है।
मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी नेशनल रेसलिंग के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट है। पुलिस के मुताबिक अमित इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था और दिल्ली में छिपकर रह रहा था।
करीब 500 ग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद
पुलिस के अनुसार, 20 अप्रैल 2023 को धुर्वा थाना क्षेत्र में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में करीब 500 ग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद किए जाने की बात सामने आई थी। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को नशीले पदार्थ की तस्करी से जुड़े नेटवर्क के बारे में कई अहम सुराग मिले।
इसी जांच में अमित का नाम भी सामने आया था। जांच के बीच पुलिस को जानकारी मिली कि अमित एक रेसलर भी है। जिसने साल 2013 में नेशनल कम्पटीशन में ब्रोंज मेडल जीत चुका है। जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी शुरू की।
दिल्ली से हुई आरोपी की गिरफ्तारी
फरार आरोपी की तलाश के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि अमित दिल्ली में मौजूद है। इसके बाद धुर्वा थाना पुलिस ने दिल्ली क्राइम ब्रांच NR-II से संपर्क किया। सूचना के सत्यापन के बाद धुर्वा थाना के अनुसंधानकर्ता पुअनि विवेक कुमार महतो को सशस्त्र बल के साथ दिल्ली भेजा गया।
इसी बीच दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम के सहयोग से पुलिस ने 18 अगस्त 2026 को दिल्ली के रोहिणी इलाके के मधुबन चौक के पास छापेमारी की और अमित को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे रोहिणी कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट से तीन दिन का ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपी को रांची लाया गया है। अब पुलिस उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
नेशनल रेसलिंग का ब्रॉन्ज मेडलिस्ट रहा है आरोपी
मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार अमित की पहचान सिर्फ एक आरोपी के तौर पर नहीं, बल्कि एक रेसलर के रूप में भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि वह 2013 में नेशनल स्तर की रेसलिंग प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका है और नेशनल प्लेयर रहा है।
पुलिस के अब तक के पूछताछ में अमित ने जो जानकारी दी है वो भी जांच का विषय है। आरोपी के दिए गए बयान के मुताबिक, उसका मानना था कि इसके इस्तेमाल से शरीर में एनर्जी बढ़ती है। वहीं डोप टेस्ट को लेकर भी उसके द्वारा यह दावा किए जाने की बात सामने आई है कि इस्तेमाल के तीन दिनों के बाद जांच में इसका पता नहीं चलता।
झारखंड से दिल्ली तक नशे की सप्लाई का कनेक्शन?
हटिया के डीएसपी नीरज कुमार के मुताबिक, जांच में यह बात सामने आई है कि झारखंड से अफीम की खरीदारी कर उसे दिल्ली तक ले जाने का नेटवर्क सक्रिय है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं और झारखंड से नशीले पदार्थ की सप्लाई किन माध्यमों से बाहर के राज्यों तक पहुंचाई जा रही थी।

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