बरहरवा/कोलकाता: ट्रेन में सफर कर रहे यात्री का करीब 16.41 लाख रुपये का सामान चोरी होने के बाद शुरू हुई जांच आखिरकार दो गिरफ्तारियों तक पहुंच गई। पूर्व रेलवे की आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सोने के आभूषण, चांदी के सिक्के और नकदी समेत चोरी का बड़ा हिस्सा बरामद किया गया है।
मामला 15 सितंबर को 12378 डाउन पदातिक एक्सप्रेस के एस-1 कोच से जुड़ा है। यात्री ने रेल मदद पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में सोने के आभूषण, कच्चा सोना, चांदी के सिक्के और मोबाइल फोन चोरी होने की जानकारी दी गई थी। चोरी हुए सामान की अनुमानित कीमत 16.41 लाख रुपये बताई गई।
CCTV ने खोली जांच की पहली कड़ी
शिकायत मिलते ही आरपीएफ पोस्ट पाकुड़, आरपीएफ पोस्ट बरहरवा और सीआईबी बर्द्धमान की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। स्थानीय पुलिस की मदद से कोटलपुकुर रेलवे स्टेशन के CCTV फुटेज खंगाले गए।
फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति एस-1 कोच में ऑफ-साइड से चढ़ता दिखाई दिया। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध की पहचान की।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस राजमहल के नागेश्वर बाग गांव तक पहुंची।
ससुर के घर से मिला चोरी का सामान
राजमहल थाना पुलिस की मदद से संदिग्ध के ससुर के घर पर छापेमारी की गई। यहां से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, उसके पास मौजूद गुलाबी रंग के आभूषण बैग से सोने की चूड़ियां, बाला, हार, अंगूठी, पेंडेंट वाली चेन, बच्चे का बाजूबंध, देवी का मुकुट, कच्चा सोना, चांदी के सिक्के और 1.41 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
लेकिन जांच यहीं खत्म नहीं हुई।
चोरी की चेन और बालियां बेच दी थीं
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसने चोरी की दो सोने की चेन और दो जोड़ी सोने की बालियां एक स्थानीय आभूषण विक्रेता को 1.41 लाख रुपये में बेच दी थीं।
इसके बाद पुलिस टीम ने राजमहल के लालू मार्केट स्थित आभूषण दुकान पर छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, वहां से चोरी का सामान बरामद किया गया और चोरी की संपत्ति हासिल करने वाले व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया।
इस तरह मामले में मुख्य आरोपी समेत दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
रेल मदद से CCTV तक, ऐसे खुला मामला
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में रेल मदद पोर्टल पर मिली शिकायत के बाद CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई खुफिया जानकारी अहम रही। आरपीएफ और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय से जांच को आगे बढ़ाया गया।
मामले में जीआरपीएस बरहरवा में केस नंबर 48/2026, दिनांक 20 सितंबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(C), 317(2) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस अब मामले में चोरी हुए बाकी सामान और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
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