Ranchi: झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के संयुक्त बयान के बाद SIR समेत चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों की स्थिति स्पष्ट हो गई है।
कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम पैदा कर रही
आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि 26 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में SIR सहित प्रमुख फैस राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में SIR की समय-सारणी से जुड़े फैसले पूरे आयोग की सहमति से लिए गए हैं।
उन्होंने यह भी दावा SIR के लिए इसके साथ जुड़े घोषणापत्र को लेकर भी चुनाव आयोग की स्थिति स्पष्ट है। उनके मुताबिक, गैर-SIR अवधि में रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 के तहत पहले से लागू फॉर्म ही इस्तेमाल दावा किया कि आयोग की ओर से रैन बसेरों, मजदूरों और बेघर लोगों के लिए विशेष कैंप तथा छूटे लोगों के घर जाकर फॉर्म लेने जैसी राजनीतिक मुद्दों को लेकर दिए गए बयानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी हार के बाद संवलों को सर्वसम्मति से लिया गया बताया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया को कानूनी रूप से वैध माना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 24 जून 2025 के मूल आदेश और अलग-अलग राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में SIR की समय-सारणी से जुड़े फैसले पूरे आयोग की सहमति से लिए गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026 को इस प्रक्रिया को कानूनी रूप से वैध माना है।
फॉर्म-6 को लेकर साहू ने कहा कि SIR के लिए इसके साथ जुड़े घोषणापत्र को लेकर भी चुनाव आयोग की स्थिति स्पष्ट है। उनके मुताबिक, गैर-SIR अवधि में रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 के तहत पहले से लागू फॉर्म ही इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
आयोग का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मताधिकार सुनिश्चित करना है
उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मताधिकार सुनिश्चित करना है। साहू ने दावा किया कि आयोग की ओर से रैन बसेरों, मजदूरों और बेघर लोगों के लिए विशेष कैंप तथा छूटे लोगों के घर जाकर फॉर्म लेने जैसी पहल की जा रही है।
प्रेसवार्ता में साहू ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर पूर्व में EVM, चुनाव आयोग तथा विभिन्न राजनीतिक मुद्दों को लेकर दिए गए बयानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कांग्रेस पर चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
हालांकि, कांग्रेस के इन मुद्दों पर अलग-अलग समय में अपने तर्क और आपत्तियां रही हैं। भाजपा की ओर से लगाए गए आरोपों को उसी राजनीतिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

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